अफगानी शो में काम कर चुकी हैं ‘भाभीजी घर पर हैं’ फेम सौम्या टंडन, काबुल में रही थीं एक महीना

Saumya Tandon News: मशहूर सीरियल ‘भाभीजी घर पर हैं’ में अनीता भाभी का लोकप्रिय किरदार निभा चुकीं अभिनेत्री सौम्या टंडन ने 2008 में अफगानी शो ‘खुशी’ में खुशी का मुख्य रोल निभाया था. यह शो एक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट का हिस्सा था. सौम्या ने काबुल में एक महीने तक शो की शूटिंग की थी, जिसके तमाम अनुभवों को उन्होंने एबीपी न्यूज़ के साथ साझा किए.

सौम्या ने बताया कि कैसे अफगानी और अमेरिकी आर्मी के साए में उन्होंने और शो के पूरे क्रू ने काबुल में शो की शूटिंग की थी. उन्होंने बताया कि काबुल में लैंड करने के चार दिनों बाद काबुल में भारतीय दूतावास को निशाना बनाया गया था.

शो की शूटिंग काबुल स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में भी हुई थी. सौम्या ने शो में खुशी नामक एक डॉक्टर का रोल निभाया था. सौम्या के साथ एक भारतीय महिला को-एक्टर और क्रू में एक और महिला ने भी काम किया था. सौम्या ने बताया महिलाओं की आज़ादी और पहनावे को लेकर उस वक्त भी कड़े नियम थे. 

सौम्या ने बताया कि उस वक्त भी उन्हें सलवार-कमीज और पैरों में जुराबे पहननी पड़ती थीं ताकि उनके नाखून तक नजर ना आएं. शूटिंग के बाद महिलाएं बाहर निकलने से‌ बचती थीं.

सौम्या ने बताया कि अफगानिस्तान के लोग काफी दिलदार हुआ करते थे और मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ते थे. जब कभी उन्हें कहीं जाने अथवा बाजार जाने का मौका मिलता था और वो कुछ पसंद करती तो दुकानदार भारतीय होने के नाते उनसे पैसे नहीं लिया करते थे. 

सौम्या ने बताया कि अफगानी लोगों के मन में भारतीयों के लिए बहुत सम्मान है और वे अक्सर (उस वक्त) अफगानिस्तान में शूट की गई फिल्म ‘खुदा गवाह’ की चर्चा करते थे, उसका गाना गाया करते थे और वहां पर बेहद लोकप्रिय अमिताभ बच्चन की बातें किया करते थे.

सौम्या ने एबीपी न्यूज़ के साथ खास बातचीत में काबुल में शूटिंग करने के और भी कई ख़ुशनुमां यादें साझा कीं. सौम्या ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में काबुल व अफगानिस्तान में जिस तरह से तेजी से हालात बदले हैं, वो बेहद दुखद हैं और उनके लिए सबकुछ अविश्वसनीय सा है.

Exclusive: अफगानी शो में काम कर चुकी हैं 'भाभीजी घर पर हैं' फेम सौम्या टंडन, काबुल में रही थीं एक महीना

सौम्या ने बताया कि वो अफगानी लोगों और खासकर महिलाओं की सुरक्षा और उनके मानवाधिकारों को लेकर काफी चिंतित हैं औत उनके लिए कुछ किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में महिलाओं को लेकर जो भी प्रगति अफगानिस्तान में देखी जा रही थी, वो एक झटके में तालिबान के कब्जे से निराशाजनक स्थिति में पहुंच गई है.

सौम्या ने कहा कि काबुल में हालात बदलने के बाद उन्होंने शो की शूटिंग के दौरान बने अपने संपर्कों से संपर्क करने की कोशिश की, मगर किसी से उनका संपर्क नहीं हो पाया है.

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