अयोध्या जमीन खरीद-फरोख्त मामला, AAP नेता संजय सिंह ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

Ayodhya Land Deal: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (shri ram janmabhoomi teerth kshetra trust)की मुश्किलें बढ़ सकती है. जमीन खरीद-फरोख्त का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह (Sanjay Singh) की तरफ से फैजाबाद कोर्ट में 156/3 के तहत सीजीएम कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया गया है जिसमें साजिशन कूट रचना करके राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए दान दिए धन का दुरुपयोग और अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दिए प्रार्थना पत्र में अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय (Rishikesh Upadhyay) और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव समेत 10 लोग खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए अदालत से अनुरोध किया गया है.  

अयोध्या सिटी कोतवाली में दी गई थी तहरीर
बता दें कि, 28 जून को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह की तरफ से एक तहरीर अयोध्या सिटी कोतवाली में दी गई थी. अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत 10 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई थी, जिसमें मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं हुआ है. अब संजय सिंह ने न्यायालय की शरण ली है और 156/3 के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए फैजाबाद सीजीएम कोर्ट से अनुरोध किया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसपर उन्होंने एक सितंबर को संबंधित कोतवाली से आख्या मांगी है. ये पूरा मामला जमीन की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार से संबंधित है. 

बढ़ सकती हैं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मुश्किलें
सूत्रों की मानें तो फाइनल बहस के लिए सुप्रीम कोर्ट से आम आदमी पार्टी की तरफ से अधिवक्ता उपस्थित हो सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो जाहिर तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.
 
जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है
अधिवक्ता अरुण यादव (याचिकाकर्ता) ने बताया कि हमारे द्वारा 28-06-2021 को कोतवाली नगर में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था. कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई हमने 156/3 के तहत सीजीएम कोर्ट पर एक मुकदमा दायर किया है. हेराफेरी हुई है, जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है. अगर वो निष्पक्ष भाव से मंदिर बनाना चाहते थे तो उनको कम सर्किल रेट पर जमीन ट्रस्ट के नाम दान कर देनी चाहिए थी. सरकारी जमीन का भी मुद्दा है इसको हम लोग उठा रहे हैं. सरकारी जमीन किसी को बैनामा नहीं की जा सकती है. अगर की जा सकती है तो उसकी परमिशन जिलाधिकारी को देनी पड़ती है. लेकिन, किस कारण से रजिस्ट्रार साहब ने उसका बैनामा कर दिया है. इसलिए, हम लोगों ने उनको भी पार्टी बनाया है.

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