असम: दीमा हसाओ में ट्रकों में आग लगाने से पहले आतंकियों ने की थी फायरिंग, अबतक 5 की मौत

दीमा हसाओ: असम के दीमा हसाओ में विद्रोही समूह द्वारा ट्रकों में आग लगाने के बाद पांच लोगों की जलकर मौत हो गई. डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) के सदस्यों की तरफ से कल कथित तौर पर ट्रकों पर हमला किया गया था. पुलिस ने कहा कि आतंकवादियों ने सात ट्रकों में आग लगाने से पहले ट्रक ड्राइवरों और अन्य लोगों पर कई राउंड गोलियां भी चलाईं थीं.

अरदा बस्ती से कोयला ले जा रहे एक ट्रक और उमरंगसू डालमिया सीमेंट फैक्ट्री से क्लिंकर ले जा रहे 4 ट्रक पर बदमाशों (आतंकवादी) ने घात लगाकर हमला किया. इस दौरान उन्होंने 30 राउंड फायरिंग भी की. इसके बाद बदमाशों ने ट्रकों में आग लगा दी. घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, ये सभी ड्राइवर और हेल्पर हैं.

वसूली नहीं मिली तो लगा दी आग- सूत्र

घटना गुवाहाटी से 200 किमी से कुछ अधिक दूरी पर हुई. ट्रक पास के सीमेंट निर्माण संयंत्र के लिए कोयला और अन्य सामग्री ले जा रहे थे. यह हमला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) द्वारा एक विशेष पर्यटक ट्रेन चलाने से दो दिन पहले हुआ था, जो विस्टाडोम डिब्बों से लैस होगी, जिसमें पूरी तरह से कांच की छत होगी और यह 360 डिग्री का दृश्य प्रदान करेगा.

यह संदेह है कि इस घटना के पीछे दीमासा नेशनल लिबरेशन (डीएनएलए) आतंकवादी हैं. सूत्रों के मुताबिक डीएनएलए आतंकवादी संगठन ने डालमिया सीमेंट में जबरन वसूली के पैसे की मांग की, क्योंकि उन्हें जबरन वसूली का पैसा नहीं मिला. इसलिए उन्होंने ट्रकों पर हमला किया.

पहले भी किए हमले

14 और 15 तारीख को अन्य 5 जिलों के साथ दीमा हसाओ जिले में भी डीएनएलए आतंकवादी संगठन द्वारा 36 घंटे के बंद का आह्वान किया गया था और अगले दिन बंद के दौरान लैंगटिंग क्षेत्र और माईबांग क्षेत्र में गोलीबारी की घटनाएं हुईं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.

इससे पहले भी इसी तरह की घटना दीमा हसाओ में हुई थी, जब डीएचडी (जे) संगठन सक्रिय था. उस समय विनय सीमेंट के 6 ट्रक, जिसे अब डालमिया सीमेंट के नाम से जाना जाता है, जला दिए गए थे और आतंकवादी संगठन द्वारा आठ लोगों की हत्या कर दी गई. साल 2008 में डीएचडी (जे) ने इसी तरह का हमला किया था और ट्रक में आग लगा दी थी. इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी.

डीएनएलए के बारे में जानिए

दीमा हसाओ असम के तीन पहाड़ी जिलों में से एक है. पहले विद्रोही गतिविधियों और समूहों का केंद्र था. हालांकि, पिछले पांच सालों में यहां शांति बनी हुई थी. मई में सुरक्षा बलों ने कार्बी आंगलोंग जिले के धनसिरी इलाके में एक मुठभेड़ में डीएनएलए के छह आतंकवादियों को मार गिराया था. पुलिस ने बताया कि उनके कब्जे से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है था. यह ऑपरेशन डीएनएलए द्वारा धनसिरी इलाके में एक युवक की हत्या के बाद किया गया था. साल  2019 में गठित, DNLA को दीमा हसाओ और कार्बी आंगलोंग जिलों के साथ-साथ पड़ोसी नागालैंड के कुछ हिस्सों में सक्रिय माना जाता है.

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