इंटरनेट कॉलिंग के जरिए रची गई गैंगस्टर गोगी की हत्या की साजिश, पुलिस की जांच में खुलासा

Delhi Rohini Court Shootout: रोहिणी कोर्ट के शूटआउट मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों की माने तो इस पूरे शूटआउट की साजिश तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया ने जेल से बैठकर ही रची थी. पुलिस के सूत्रों की माने तो गैंगस्टर टिल्लू शूटआउट के पहले और शूटआउट के बाद लगातार सभी बदमाशों के संपर्क में था. सूत्रों की माने तो वो इंटरनेट कालिंग के जरिए हमलावरों के संपर्क में था. जेल के अंदर से ही वो लगातार हमलावरों से पूछ रहा था कि कितनी देर में कोर्ट में पहुंच जाओगे इतना ही नहीं वो उनकी लाइव लोकेशन भी ले रहा था. गिरफ्तार हुए उमंग और विनय से भी इंटरनेट कॉलिंग के जरिये संपर्क में था.

पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जब टिल्लू को कॉलिंग के दौरान ये पता चला कि दोनों हमलावर कोर्ट रूम के अंदर ही हैं तो उसे इस बात का अंदेशा हो गया था कि अगर गोगी को मारने में हमलावर सफल रहे तो उनका बचना मुश्किल है. इसी वजह से उसने उमंग और विनय को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क कर ये पूछा कि तुम कहां हो तो उन्होंने बताया कि हम पार्किंग में खड़े हैं, तभी टिल्लू बोला कि तुम दोनों वहां से तुरंत निकल जाओ और गोली चलने के बाद दोनों फरार हो गए. 

जांच के दौरान पुलिस को एक फोटो भी मिली जिसमें टिल्लू वीडियो कॉल पर उस शूटर के साथ बात कर रहा है, जो इस शूटआउट में पुलिस की गोली से मारा गया. 

इस पूरे शूटआउट के बाद एक बात तो साफ है कि सुरक्षा में एक बड़ी चूक हुई. एक गैंगस्टर आसानी से तिहाड़ में बैठकर पूरा शूटआउट ना सिर्फ प्लान करता है, बल्कि उसे अंजाम भी देता है. ऐसा नहीं है कि ये तिहाड़ से कोई पहला मामला सामने आया है, जिसमें गैंगस्टर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं इससे पहले भी मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन जेल प्रशासन इसपर लगाम लगाने में क्यों नाकाम है ये कोई नहीं जानता. 

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