उत्तराखंड विधानसभा में सतत विकास को लेकर हुई चर्चा, सीएम धामी ने बताया सरकार का मूल मंत्र

Uttarakhand Assembly 2021: उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Assembly) के मानसून सत्र (Monsoon Session) के आज छठे दिन सतत विकास (Sustainable Development) को लेकर विधानसभा में विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने राज्य के विकास को लेकर अपने-अपने विचार रखे. शिक्षा (Education), रोजगार (Employment), सड़क (Roads) और बिजली (Electricity) जैसे अहम मुद्दों को लेकर विधायकों ने सदन के भीतर सुझाव दिए. इन सुझावों पर सरकार ने भी अमल करने का आश्वासन दिया है. उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने सदन में चल रही सतत विकास लक्ष्य परिचर्चा पर बोलते हुए कहा कि हमारी सरकार (Government) का मूल मंत्र है कि नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य हो. 

विधायकों ने रखे अपने सुझाव 
सदन में अधिकांश विधायकों ने कृषि के समायोजित विकास को लेकर अपने सुझाव दिए. वहीं, शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने पर भी विधायकों की तरफ से सुझाव दिए गए. विपक्ष की ओर से उप नेता प्रतिपक्ष करण मेहरा ने सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा जो सुझाव रखे गए हैं उन पर सरकार को अमल करना चाहिए. मेहरा ने पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बागवानी को बड़े स्तर पर विकसित किया गया है. उत्तराखंड में भी बागवानी को विकसित करके कृषि को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. वहीं, काजी निजामुद्दीन ने अपेक्षा जताई कि सदन के भीतर जो सुझाव आए हैं उन पर सरकार को गहनता से विचार करना चाहिए.

चर्चा की सराहना की गई 
सदन के भीतर चर्चा की सराहना सत्तापक्ष के मंत्री और विधायकों ने भी की. सरकार में संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि दुनिया भर में सतत विकास को लेकर गहनता से विचार किया जा रहा है, इसी उद्देश्य को लेकर उत्तराखंड के विकास को लेकर भी सदन में आज चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि जो भी सुझाव सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के आए हैं उन पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये कमरों में बैठकर नहीं होगा, इसके लिए मजबूती से आगे बढ़ना होगा. वहीं, विधायक गणेश जोशी ने कहा कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य में रोजगार के नए साधन खोले जाएंगे, ताकि राज्य का सतत विकास किया जा सके. 

फाइलों में किसी भी तरह की पेंडेंसी नहीं होनी चाहिए
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में चल रही सतत विकास लक्ष्य परिचर्चा पर बोलते हुए कहा कि  ये महत्वपूर्ण विषय है. सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार का सिद्धांत है कि कार्यों का सरलीकरण हो, यानी फाइलों या अन्य कार्यों में सरलता बेहद जरूरी है. सीएम ने कहा कि सरलीकरण के साथ ही समस्या का समाधान भी होना चाहिए. सीएम धामी ने कहा कि फाइलों में किसी भी तरह की पेंडेंसी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मूल मंत्र है कि नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य हो, यानी कार्य का पहले सरलीकरण किया जाए और समाधान सुनिश्चित किया जाए. समाधान होने पर कार्य को जो पेंडेंसी के आधार पर पूरा किया जाए.

समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनता की अलग-अलग समस्याएं होती हैं और उन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार अधिकारियों के जरिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही उनका जिलों का दौरा शुरू होगा जिसमें वो स्वयं जनता से संवाद करेंगे. अधिकारियों से विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और कोशिश करेंगे कि जनता की समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो सके. 

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा 
सीएम धामी ने आपदा पर बोलते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कुछ जगहों पर उन्होंने स्वयं भी दौरा किया है और जिला अधिकारियों के माध्यम से जिलों के स्थितियों को भी जाना है. सीएम ने कहा कि वो कल से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांव में जाकर राशन, मेडिकल सुविधा और दूसरी जरूरी सुविधाओं को मुहैया कराए जाने को कहा है, ताकि वहां पर जनता की समस्याएं कम हो सकें. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बारिश के चलते राजमार्ग बंद जरूर हुए हैं लेकिन उन्हें खोलने का काम किया जा रहा है. जरूरत के हिसाब से वैकल्पिक मार्गों का भी उपयोग किया जा रहा है.

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