उदयपुर में ऐसी जगह जहां मगरमच्छों के पास टूरिस्ट गुजारते हैं रात, जानिए यहां की खासियत

Udaipur News: अगर आप पर्यावरण और वन्यजीवों में दिलचस्पी रखते हैं और इनके करीब ही रात गुजरना चाहते हैं तो आप उदयपुर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर बाघदड़ा नेचर पार्क में जा सकते हैं. यहां पर तालाब प्राकृतिक तालाब है जहां पर मगरमच्छ रहते हैं और इन्हीं के पास में ईको टेंट बना हुआ हैं. पार्क वन विभाग से संचालित किया जाता है और ईको टेंट निजी कंपनी को संचालन के लिए दिया हुआ है. यहां मगरमच्छ ही नहीं, जंगल सफारी भी कर सकते हैं जहां लेपर्ड सहित अन्य वन्यजीव भी देखने को मिल सकते हैं.

जानिए बाघदड़ा नेचर पार्क के बारे में
उदयपुर से झामर-कोटड़ा मुख्य मार्ग स्थित 342.19 हैक्टेयर एरिया में फैला हुआ है बाघदड़ा नेचर पार्क. वर्ष 2002 तक यहां पर अवैध गतिविधियां होती थीं, जिसे दूर कर वन विभाग ने संवार दिया है. शुरुआत में यहां पर मात्र 3000 स्थानीय पर्यटक जाते थे जिसे वर्ष 2014 के बाद नाइट टूरिज्म के साथ अन्य सुविधाएं शुरु करने के बाद हर साल 40000 से ज्यादा पर्यटक आ रहे हैं. नेचर पार्क की बात करें तो यहां पर्यटकों के लिए घरों सा अहसास दिलाने वाले टेंट बने हैं, जहां पर्यटक रात में रुक जगल का लुत्फ उठा रहे हैं. नेचर पार्क की खास बात यह है कि यहां बने तालाब में 20 से ज्यादा मगरमच्छ हैं जो धूप सेंकते हुए किनारों पर दिखाई देते हैं. इसके साथ ही तीन तेंदुए हैं जो तालाब के आस-पास ही घूमते हुए दिखाई देते हैं.

क्या है इस जगह का इतिहास? 
प्राचीन काल में यह क्षेत्र महाराणाओं के लिए शिकार स्थली थी. अभी भी यहां पर जनानी और मर्दानी दो होदियां बनी हुई हैं, जहां से टाइगर का शिकार किया जाता था. बताया जाता है कि राजा के साथ दूसरी होदी से रानी भी शिकार करती थी. लेकिन बदलते हुए जैविक दबाव के कारण वन्य और वन्यजीव संपदा में कमी आई.

यहां मिलेंगे यह वन्यजीव 
इस पार्क में मगरमच्छ, तेंदुआ, नीलगाय, नेवला, काली पूंछ का नेवला, बिज्जू, अजगर, तारा कछुआ, खरगोश, सरीसृप, मोर, उल्लू, गिदड़, रोजड़ा, लंगूर, बटेर, तीतर सहित अन्य वन्यजीव हैं. इसके साथ ही कई प्रकार के पक्षियों के साथ यहां एंडिमेक पक्षी व्हाइट-पेप्पड़ टिट आसानी से देखे जा सकते हैं.

पर्यटकों के लिए खास 
घर जैसा अहसास दिलाने के लिए यहां पांच टेंट लगे हुए हैं, जिसमें खाने-पीने की व्यवस्था है. इसके अलावा कैंप फायर, आरामदायक पेड़ों पर लगे झुले, जंगल का दृश्य देखने के लिए पड़ों पर लगाए गए मचान, तालाब के चारों तरफ पांच व्यू प्वाइंट, निजी वाहन के जरिए 10 किलोमीटर ट्रैक जिसके रास्ते में तेंदुए सहित अन्य वन्यजीव विचरण करते हुए दिखाई देंगे. वन विभाग के डीएफओ अजित ऊंचोई ने बताया कि बाघदड़ा नेचर पार्क नाइट टूरिज्म के लिए बेहतर जगह है जहां पर्यटक इनका लुत्फ उठा सकता है.  

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