कांग्रेस का केंद्र पर आरोप, कहा- ओमिक्रोन को लेकर बरती लापरवाही, कोरोना प्रबंधन पर सरकार फेल

Congress on Omicron and Vaccine: देश में जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) फिर से पैर पसार रहा है. साथ ही कोरोना के खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में अब तक इस वेरिएंट के 422 मामले सामने आ चुके हैं. बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर आज कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने कहा कि सरकार ने ओमिक्रोन पर लापरवाही बरती है. सरकार ओमिक्रोन वायरस के खतरे की अनदेखी कर लोगों की ज़िंदगी को खतरे में डाल रही है.

देश के लोगों की जान खतरे में डाल रही है सरकार- कांग्रेस

सुरजेवाला ने कहा, ‘’संभावित तीसरी लहर की आहट से पहले मोदी सरकार देश के लोगों की जान खतरे में डाल रही है. अभी तक सिर्फ 97 करोड़ 95 लाख वैक्सीन की डोज़ लगी हैं, 59.40 करोड़ वैक्सीन की डोज़ कब लगेंगी? सरकार के मुताबिक 18 साल से अधिक की आबादी 94 करोड़ है. 31 दिसंबर तक 94 करोड़ वैक्सीन की दोनों डोज़ देने की बात थी, इस लिहाज से 188 करोड़ लगनी थी, लेकिन सरकार ने कल बताया कि 141 करोड़ डोज़ ही लगीं. यानी 36.50 करोड़ लोगों को दूसरी डोज़ नहीं लगी है.’’

95.10 करोड़ वैक्सीन देशवासियों को कब तक उपलब्ध होंगे?- कांग्रेस

कांग्रेस ने सवाल किया, ‘’वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों की हर महीने की क्षमता मात्र 16.80 करोड़ वैक्सीन है तो फिर 95.10 करोड़ वैक्सीन देशवासियों को कब तक उपलब्ध होंगे? मोदी सरकार ने संसद में बताया था कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड वैक्सीन के 11 करोड़ डोज़ का उत्पादन प्रतिमाह कर सकता है. इसी प्रकार भारत बायोटेक 5.80 करोड़ वैक्सीन प्रतिमाह उत्पादन कर सकती है. अगर वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं हैं तो प्रधानमंत्री की घोषणा के बावजूद अगले 149 दिन में भी वैक्सीन कैसे लग पाएंगे?’’

देश के युवाओं की सेहत और भविष्य के लिए खतरे की घंटी- कांग्रेस

सुरजेवाला ने आगे कहा, ‘’15 साल से कम के आयु के बच्चों और युवाओं को वैक्सीन लगाने बारे मोदी सरकार की कोई नीति क्यों नहीं? पूरी दुनिया में तीन साल से 18 साल के बीच की आयु के बच्चों और युवाओं को वैक्सीन लगाई जा रही है. फिर मोदी सरकार ने 5 साल से 12 साल और 12 साल से 15 साल की आयु के बच्चों और युवाओं को वैक्सीन न लगाने का निर्णय क्यों किया? क्या यह अपने आप में देश के युवाओं की सेहत और भविष्य के लिए खतरे की घंटी नहीं?’’

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