कानपुर के धन कुबेर के पास कहां से आया इतना पैसा? पांच केंद्रीय एजेंसियां करेंगी जांच

Piyush Jain Kanpur Raid: इत्र कारोबारी पीयूष जैन के मामले की पांच एजेंसियां जांच करेंगी. 194 करोड़ कैश, सोना, चंदन के तेल की बरामदगी के बाद अब पांच एजेंसियों के निशाने पर इत्र कारोबारी आ गया है. डीआरआई जांच करेगा कि सोना कहां से आया. प्रवर्तन निदेशालय जांच करेगा कि कहीं यह पैसा हवाला के नोडल प्वाइंट का जरिया तो नहीं. आयकर विभाग ब्लैक मनी और पैसे का स्रोत कहां से इस एंगल से जांच करेगा.

इसके अलावा, वाइल्ड लाइफ विभाग 600 किलो चंदन का तेल कहां से आया? कहां की परमिशन से कटवाया गया था इतना चंदन? तो वहीं, जीएसटी विभाग जीएसटी चोरी के मामले की जांच को आगे बढ़ाएगा. धीरे-धीरे सभी विभाग इस मामले की जांच को आगे बढ़ाएंगे. डीआरआई के अलावा अन्य विभागों को भी जीएसटी रिपोर्ट का इंतजार है.

कानपुर के धन कुबेर की 5 एजेंसियां करेंगी जांच

कर चोरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे गए कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों से अब तक करीब 194 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी और 23 किलोग्राम सोना एवं अन्य कीमती सामान जब्त किया गया है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि पान मसाला (गुटखा) एवं इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर स्थित आवास से 177.45 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी मिली है. मंत्रालय के मुताबिक, यह किसी भी ठिकाने से बरामद एवं जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी अघोषित नकदी है.

इसके अलावा कारोबारी के कन्नौज स्थित ठिकानों (आवासीय और कारखाना परिसर) से भी तलाशी दल को करीब 17 करोड़ रुपये की नकदी मिली है और नोटों की गिनती का काम अभी जारी है. इस कारोबारी के ठिकानों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों की तलाशी के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में अघोषित नकदी एवं सोना पकड़ा गया है. जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) की अहमदाबाद इकाई ने कर चोरी के आरोप में 22 दिसंबर को जैन के ठिकानों की तलाशी शुरू की थी. कानपुर स्थित ठिकाने पर तलाशी का काम पूरा हो चुका है लेकिन उसके कन्नौज स्थित ठिकानों की तलाशी अभी जारी है.

अब तक 194 करोड़ की अघोषित नगदी बरामद

जैन के ठिकानों से 23 किलोग्राम सोना और बड़ी मात्रा में इत्र संबंधी कच्चा माल भी मिला है. इनमें 600 किलोग्राम से अधिक चंदन का तेल भी शामिल है. सोने और चंदन का तेल उसके घर के तहखाने से बरामद किया गया. इसका बाजार मूल्य करीब छह करोड़ रुपये है. कारोबारी के पास से करोड़ों की अघोषित नकदी एवं कीमती सामान बरामद होने के बाद जीएसटी टीम ने रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया था. सोमवार को उसे कानपुर नगर की मेट्रोपोलिटन अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

संयुक्त निदेशक (अभियोजन) संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अदालत में पेश किए जाने से पहले जैन का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उसकी कोविड-19 जांच भी हुई. जीएसटी अधिकारियों ने शिखर ब्रांड पान मसाला एवं तंबाकू उत्पादों के विनिर्माताओं के कानपुर कारखाने से अपना तलाशी अभियान शुरू किया था. उसके बाद कानपुर स्थित मैसर्स गणपति रोड कैरियर्स के कार्यालय एवं गोदाम के अलावा मैसर्स ओडोकेम इंडस्ट्रीज के कारखाने एवं ठिकानों पर तलाशी ली गई.

इस दौरान पान मसाला एवं तंबाकू से भरे हुए चार ट्रक पकड़े गए. इन उत्पादों पर जीएसटी का भुगतान किए बगैर फर्जी बिल बनाया गया था. पड़ताल से पता चला कि तंबाकू विनिर्माता ट्रांसपोर्टर की मदद से फर्जी बिल बनाता था. उसके पास से 200 से ज्यादा फर्जी बिल भी मिले हैं. पान मसाला विनिर्माताओं ने कर देनदारी के तौर पर 3.09 करोड़ रुपये जमा किए हैं.

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