किसानों पर लाठीचार्ज से कांग्रेस भड़की, सुरजेवाला बोले- कायर सरकार ने जनरल डायर की याद दिला दी

Farmers Protest: कांग्रेस ने हरियाणा में किसानों पर लाठी-चार्ज की घटना की निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि इसने ‘जनरल डायर’ की याद दिला दी और किसानों पर पड़ी लाठी भाजपा सरकार के ताबूत में कील साबित होगी.

कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी को किसान विरोधी बताया. उन्होंने एक घायल किसान की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘फिर ख़ून बहाया है किसान का, शर्म से सर झुकाया हिंदुस्तान का!’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘किसान मेहनत करके खेतों में लहलहाती हुई फसल देते हैं. भाजपा सरकार अपना हक मांगने पर उन्हें लाठी से लहूलुहान करती है. किसानों पर पड़ी एक-एक लाठी भाजपा सरकार के ताबूत में कील का काम करेगी.’’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में आरोप लगाया, ‘‘आज भाजपा-जजपा की ‘कायर सरकार’ ने करनाल में अन्नदाता किसान पर बेरहमी और बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज कर एक बार फिर जनरल डायर की याद दिला दी. शांतिप्रिय तरीके से विरोध कर रहे किसानों को जानवरों की तरह दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया. दर्जनों लहुलुहान हो गए और सैकड़ों को चोटें आईं.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘एक बार फिर साबित हो गया कि अन्नदाता किसान के असली ‘दुश-मन’ हैं – दुष्यंत चौटाला और मनोहर लाल खट्टर. भाजपा-जजपा सरकार ने मिलकर पिछले नौ महीनों से किसानों के हिस्से में लाठीचार्ज, पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले तथा कीलें व नश्तरों की प्रताड़ना लिख दी है.’’ 

सुरजेवाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मनोहर लाल खट्टर – दुष्यंत चौटाला ने आज किसान नहीं, हमारे ‘भगवान’ को पीटा है…… सज़ा मिलेगी. सड़कों पर बहते और किसानों के शरीर से रिसते खून को आने वाली तमाम नस्लें याद रखेंगी. अब भी समय है – या तो किसानों के साथ खड़े हो जाइये या गद्दी छोड़ दीजिए.’’

गौरतलब है कि भाजपा की एक बैठक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए करनाल की तरफ बढ़ रहे किसानों के एक समूह पर पुलिस ने शनिवार को कथित तौर पर लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब दस लोग घायल हो गए.

बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य भाजपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे. किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य पुलिस की आलोचना की गई और विरोध में कई स्थानों पर सड़कों को जाम किया गया.

पुलिस ने क्या कहा?

हरियाणा के एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने लाठीचार्ज की घटना को लेकर दावा किया, “करनाल में बस्तारा टोल प्लाजा के पास 12 बजे कुछ किसान प्रदर्शनकारियों ने ज़बरदस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर करनाल शहर की तरफ़ जाने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें जाने से रोका तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पत्थर फेंके.” उन्होंने कहा कि उसके बाद नियमानुसार पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और उन्हें वहां से हटाया. इसमें 4 किसान और 10 पुलिसकर्मियों को चोट आई हैं.

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