किसान संगठनों के चुनाव लड़ने के एलान पर SKM ने दी प्रतिक्रिया, कहा- हम अपनी नीति पर कायम

SKM On Punjab Election 2022: पंजाब में 22 किसान संगठनों (Farmer Organisations) ने चुनाव लड़ने का एलान किया है, जो संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का हिस्सा हैं. इसे लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने स्पष्टीकरण जारी किया है. SKM ने कहा है कि पंजाब (Punjab) के कुछ किसान संगठनों ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ पार्टी की आज घोषणा की है, जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है. मोर्चा ने कहा कि SKM किसी भी राजनीतिक दल को अपने बैनर या मंच का इस्तेमाल नहीं करने देने की अपनी नीति पर कायम है. 

आगामी राष्ट्रीय बैठक में होगा फैसला

मोर्चा ने कहा, “संयुक्त किसान मोर्चा के नाम का चुनाव में इस्तेमाल करना मोर्चे के अनुशासन का उल्लंघन होगा. संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल जो किसान संगठन या नेता चुनाव में भाग लेते हैं, वह मोर्चा में शामिल रह सकते हैं या नहीं, इसके बारे में संयुक्त किसान मोर्चा की 15 जनवरी की आगामी राष्ट्रीय बैठक में फैसला लिया जाएगा.”

यह बयान संयुक्त किसान मोर्चा की को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों दर्शन पाल, हन्नान मौला, जोगिंदर सिंह उग्राहन, जगजीत सिंह दल्लेवाल, योगेंद्र यादव, युद्धवीर सिंह, शिव कुमार शर्मा ‘कक्काजी’ की सहमति से जारी किया गया है.

पंजाब चुनाव लड़ेंगे 22 किसान संगठन

गौरतलब है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे पंजाब के 22 किसान संगठनों ने शनिवार को एक राजनीतिक मोर्चा बनाया और घोषणा की कि वे एक राजनीतिक बदलाव के लिए आगामी राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. ये 22 किसान संगठन पंजाब के उन 32 किसान संगठनों में से हैं, जिन्होंने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

किसान नेता हरमीत सिंह कादियान ने कहा कि पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया गया है. उन्होंने हाल में संपन्न शीतकालीन सत्र में निरस्त किए गए केंद्रीय कृषि कानूनों की ओर इशारा करते हुए कहा, “एसकेएम का गठन विभिन्न विचारधाराओं वाले विभिन्न निकायों के साथ किया गया था और हम एक साल से अधिक समय के बाद लड़ाई लड़कर लौटे.”

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