क्या आप जानते हैं कि अकेले उत्तर प्रदेश में स्नेक बाइट से कितने लोग हर साल मर जाते हैं?

UP Snake Bite News: बॉलीवुड के दबंग खान यानि सलमान खान के लिए उनके जन्मदिन से ठीक पहले का दिन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा. आज बॉलिवुड के भाईजान का जन्मदिन है लेकिन सलमान के बर्थडे की धूम एक दिन पहले से ही शुरू हो चुकी थी. कल ही सलमान अपने परिवार और कुछ करीबी दोस्तों के साथ अपने पनवेल वाले फार्महाउस पर पहुंच चुके थे.

परिवार के साथ प्री बर्थडे बैश मना रहे सलमान के साथ देर रात एक हादसा हो गया जब उन्हें उनके गार्डेन एरिया में एक सांप ने काट लिया. इसके बाद सलमान को नवी मुंबई के एम.जी.एम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सांप के गैर विषैला होने के कारण सलमान को कोई नुकसान नहीं हुआ और अब वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं. लेकिन,सलमान न तो पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिसे सांप ने काटा है और न ही सांप के काटने का यह कोई पहला मामला. सौभाग्यवश, सलमान खान तो सांप के काटने से बच गये, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश भर के आंकड़े इन हादसों पर क्या कहानी बयान करते हैं? क्या आप जानते हैं कि अकेले उत्तर प्रदेश में ही स्नेक बाइट से कितने लोग हर साल मर जाते हैं और, देश के कौन‌-कौन से वो राज्य हैं जहां स्नेक बाइट के मामलों की संख्या काफ़ी भयावह है? आइये आपको बताते हैं-

उत्तर प्रदेश में स्नेक बाइट से होती हैं इतनी मौतें

आपको बता दें, भारत पूरे विश्व में स्नेक बाइट के मामले में सबसे ऊपर है. साल 2000 से 2019 तक के आंकड़े यह बताते हैं कि देश में इस बीच 12 लाख लोगों ने अपनी जान सांप के काटने के कारण गंवाई है. इस आंकड़े के हिसाब से देश भर में हर साल औसतन 58 हजार लोगों की मृत्यु सांप के काटने के कारण होती है. इन आंकड़ों को विश्व स्वस्थ्य संगठन ने भी स्वीकारा है. विश्व स्वस्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में सलाना स्नेक बाइट के कुल केस 54 लाख तक होते हैं. और यही कारण है कि डब्लू.एच.ओ ने स्नेक बाइट के मामलों को उष्ण्कटिबंधीय (ट्रोपिकल) इलाकों के सर्वाधिक उपेक्षित रोगों में रखा है. 

सबसे ज्यादा जानलेवा मामले पश्चिम बंगाल में

अगर हम भारत में स्नेक बाइट से होने वाली मौतों के मामलों को राज्यों के स्तर पर देखेंगे तो स्नेक बाइट के सबसे ज्यादा जानलेवा मामले पश्चिम बंगाल में घटित होते हैं. साल 2020 में कांग्रेस के केरल के सांसद टीएन प्रतापन द्वारा सांप से होने वाली मौतों पर संसद में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने सदन में 2016 से 2018 के बीच के आंकड़े रखे थे. उनके उत्तर के हिसाब से पश्चिम बंगाल में इन तीन वर्षों के बीच कुल 609 लोगों की मृत्यु हुई. दूसरे और तीसरे नंबर पर ओडिशा और उत्तर प्रदेश हैं. जहां ओडिशा में इस बीच हुई मौतों की कुल संख्या 365 थी तो वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में मौत के कुल सामने आए मामले 259 रहे. 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफाइल और राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो द्वारा डाटा इकठ्ठा किया गया 

यह तो हुई स्नेक बाइट से होने वाली मौतों की बात, लेकिन स्नेक बाइट के कुल सामने आए मामलों की बात की जाए तो बंगाल में यह आंकड़ा 92 हजार 782 दर्ज़ किया गया था तो दूसरे स्थान पर 67 हजार 726 मामलों के साथ आंध्र प्रदेश के नाम है. लेकिन होने वाली मौतों के मामलों में आंध्र प्रदेश की स्थिति पश्चिम बंगाल से कहीं बेहतर है. आंध्र प्रदेश में स्नेक बाइट से तीन सालों में 230 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. तो वहीं, ओडिशा में इस बीच 36 हजार 682 स्नेक बाइट के मामले हुए और उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 21 हजार 711 रहा.

आपको बता दें कि स्नेक बाइट के मामलों को एकत्रित करने के लिए देश में अलग से कोई भी रजिस्ट्री नहीं है. देश में इन आंकड़ों को सामान्यतः राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफाइल और राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो ही देश के विभिन्न अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों की मदद से इन मामलों का डेटा इकट्ठा करता है.

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