क्या तालिबान की आपसी लड़ाई में अफगानिस्तान के डिप्टी PM की हो गई मौत? जानें क्या है सच्चाई

Taliban News: तालिबानी सरकार में अफगानिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने अपनी मौत या घायल होने की खबरों का खंडन किया है. उन्होंने एक ऑडियो मैसेज के ज़रिए इस बात की पुष्टि की कि वो ज़िंदा हैं और घायल भी नहीं हैं.

अफगानिस्तान के टोलो न्यूज़ ने कहा है कि तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने मुल्ला बरादर का ऑडियो संदेश ट्वीट के ज़रिए साझा किया है. दरअसल ऐसी खबरें चल रही थीं कि तालीबानियों में आपस में ही हुए संघर्ष में मुल्ला बरादर या तो मारे गए हैं या व घायल हैं. 

हाल ही में हुआ है कार्यवाहक तालिबानी सरकार का एलान

तालिबान ने 7 सितंबर को अफगानिस्तान की कार्यवाहक सरकार का एलान किया था. तालिबानी सरकार में मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. इसके अलालवा मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को उप प्रधानमंत्री बनाया गया.

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने काबुल में जानकारी देते हुए कहा था कि ‘नई इस्लामिक सरकार’ में संगठन की निर्णय लेने वाली शक्तिशाली इकाई ‘रहबरी शूरा’ के प्रमुख मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद प्रधानमंत्री होंगे.

तालिबानी सरकार ने प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल में शामिल लोगों के नामों का एलान भी किया था. जिसमें सिराजुद्दीन हक्कानी को गृहमंत्री, मुल्ला अमीर खान मुत्तकी को विदेश मंत्री, शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई को उप विदेश मंत्री बनाया गया. इसके अलावा मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री, मुल्ला हिदायतुल्ला बदरी को वित्त मंत्री बनाया गया.

15 अगस्त को तालिबान ने लगभग पूरे अफगानिस्तान पर किया कब्ज़ा 

गौरतलब है कि तालिबान ने 15 अगस्त को पंजशीर को छोड़कर पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. इसके कुछ दिनों बाद ही तालिबान ने दावा किया कि उसने पंजशीर घाटी पर भी कब्जा कर लिया है. पंजशीर में कब्ज़े के एलान के बाद 7 सितंबर को तालिबान ने अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का एलान किया था.

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