गणेश उत्सव पर कोरोना का असर, जानिए राज्यों ने क्या-क्या प्रतिबंध लगाए हैं

Ganeshotsav Guidelines: देशभर में आज से गणेश चतुर्थी का त्यौहार मनाया जाएगा. भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणपति का जन्मोत्सव मनाया जाता है. महाराष्ट्र समेत पूरे देश में गणपति मोरया की पूजा धूमधाम से मनाई जाती है. गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक चलता है जो चतुर्थी को शुरु होकर अनंत चतुर्दशी के दिन खत्म होता है. हालांकि कोरोना संकट के चलते इस साल गणेश उत्सव अलग रुप में मनाया जाएगा. महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने गणेश उत्सव के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. जानिए.

महाराष्ट्र-

इस बार मुंबई में के पंडालों में दर्शन की अनुमति नहीं है. यहां धारा 144 लागू कर दी गई है. साथ ही जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई गई है. महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि कोविड महामारी के चलते, गणेशोत्सव के दौरान लोगों को पंडाल में जाने की अनुमति नहीं होगी. राज्य के गृह विभाग की ओर से कहा गया कि पंडाल से केवल ऑनलाइन दर्शन की अनुमति दी जाएगी. बीएमसी ने घर में स्थापित किए जाने वाले गणपति की मूर्तियों की ऊंचाई दो फुट जबकि सार्वजनिक मंडलों के लिए चार फुट तक सीमित कर दी है.

दिल्ली-

राजधानी दिल्ली में आज गणेश चतुर्थी पर सार्वजनिक स्थलों पर कोई आयोजन नहीं होंगे. डीडीएमए ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी तरह का कोई जुलूस न निकाले और अपने घरों में गणेश उत्सव मनाएं. हालांकि आज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके सभी मंत्री सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना बैंक पर गणपति बप्पा की महाआरती में शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश-

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी निर्देश जारी किए हैं कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की अनुमति नहीं दी जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद निर्देश दिए कि ‘गणेश चतुर्थी के पर्व के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां की जाएं. इस अवसर पर स्थापित होने वाली मूर्ति मंदिर अथवा घर में ही रखकर पूजा की जाए. सार्वजनिक स्थल पर कोई भी प्रतिमा स्थापित न की जाए.

सीएम योगी ने कहा है कि गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए. सीएम ने निर्देश दिए हैं कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं और लोगों की धार्मिक आस्थाओं का पूरा सम्मान किया जाए.

कर्नाटक-

कर्नाटक सरकार ने गणेश पूजा के अवसर पर राज्य में पांच दिन सार्वजनिक रूप से उत्सव मनाने की छूट दी थी. लेकिन बेंगलुरु नगर निकाय ने त्योहार के मौके पर केवल तीन दिन ढील देने का निर्णय लिया है. वहीं, प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है. सार्वजनिक रूप से उत्सव मनाने के दौरान अधिक संख्या में लोगों के एकत्र होने की आशंका है. लोगों को पर्यावरण के अनुकूल वस्तु से गणेश प्रतिमा बनाकर घर में बाल्टी या नगर निकाय के चलित टैंकरों में उसका विसर्जन करना चाहिए.

तमिलनाडु-

तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी पर किसी भी तरह के उत्सव की इजाजत नहीं है. लोग सिर्फ घरों में ही गणपति का पर्व मना सकते हैं. हालांति तमिलनाडु सरकार के इस फैसले के खिलाफ विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. बीजेपी ने पूछा है कि सिर्फ हिंदू त्योहार पर ऐसा बैन क्यों.

आंध्र प्रदेश-

आंध्र प्रदेश में भी गणेश चतुर्थी पर किसी भी तरह के उत्सव पर जगनमोहन सरकार की पाबंदी है. टीडीपी और बीजेपी ने फैसले पर विरोध प्रदर्शन किया है और बैन हटाने की मांग की है.

तेलंगाना-

तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी गणेश प्रतिमाओं के हुसैन सागर झील और अन्य जलाशयों में विसर्जन की अनुमति नहीं दें. हाई कोर्ट ने कहा, ‘‘गैर पीओपी प्रतिमाओं का विसर्जन हुसैन सागर झील के दूसरी ओर जैसे पीवी घाट, सचिवालय मार्ग, संजीवैया पार्क रोड आदि स्थानों पर किया जा सकता है.’’ इसके साथ ही अदालत ने अवमानना याचिका को बंद कर दिया. अदालत ने कहा कि स्थानीय/शहरी निकाय क्षेत्रों में सीमित संख्या में पंडालों को लाइसेंस एवं अनुमति दी जानी चाहिए.

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