गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का रखें खास ख्याल, नजरअंदाज करना हो सकता है अशुभ

Ganesha Chaturthi 2021: हिंदू पंचाग के अनुसार गणेश चतुर्थी 10 सितंबर 2021, शुक्रवार को मनाई जाएगी. 11 दिन तक चलने वाले इस पर्व को देशभर में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस 11 दिनों में गणेश जी के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है. ये पर्व खासतौर से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है. इस पर्व के दौरान लोग अपने घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और अन्नत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन (Ganesha Visarjan)  किया जाता है. 

गणेश भगवान को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है. घर में सुख-समृद्धि और कष्टों को दूर करने के लिए लोग घरों में गणेश जी की मूर्ति रखते हैं. इतना ही नहीं, लोग गणेश भगवान की मूर्ति गिफ्ट में भी देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान श्री गणेश को घर में रखने के कुछ नियम होते हैं. वास्तु के अनुसार अगर इन बातों को नजरअंदाज कर दिया जाए, तो ये अशुभ भी हो सकता है.

घर में यहां न रखें मूर्ति
गणेश भगवान की मूर्ति को घर की किसी दीवार या कौने में बिना सोचे समझे नहीं रख सकते. घर में बाथरूम की दीवार पर गणेश भगवान की मूर्ति न लगाएं. इतना ही नहीं, घर के बेडरूम में भी भगवान गणेश की मूर्ति लगाना शुभ नहीं होता. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में कलह और पति-पत्नी के बीच बेवजह तनाव बना रहता है.

नृत्य करती मूर्ति न लाएं
वास्तुशास्त्र के अनुसार भगवान गणेश की नृत्य करती हुई मूर्ति घर में न लाएं और न ही किसी को उपहार में दें. ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी की नृत्य करती हुई मूर्ति घर में लगाने से घर में कलह-कलेश होता रहता है. वहीं, अगर किसी को गिफ्ट में दे दो तो उनके घर भी कलह-कलेश होने लगता है. 

लड़की की शादी में न दें गणेश
ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी की मूर्ति किसी लड़की की शादी में देना अशुभ होता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है कि लक्ष्मी और गणेश हमेशा साथ होते हैं. ऐसे में घर की लड़की के साथ गणेश जी भी दे देंगे तो घर की समृद्धि भी उनके साथ चली जाती है.

बाईं ओर हो सूंड
अगर आप घर के लिए गणपति लेने जा रहे हैं तो इस तरह के गणपति खरीदें जिनकी सूंड बाईं ओर की तरफ हो. घर के लिए हमेशा वाममुखी गणपति लाने चाहिए. क्योंकि दाईं ओर सूंड वाले गणपति की पूजा करने के लिए विशेष पूजा के नियमों का पालन करना पड़ता है.

संतान प्राप्ति के लिए लाएं बाल स्वरूप
वास्तुशास्त्र के अनुसार नवविवाहित जोड़ा या फिर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लोगों को घर में गणपति के बाल स्वरूप की मूर्ति रखनी चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि इससे माता-पिता के प्रति सम्मान रखने वाली संतान की प्राप्ति होती है. वहीं, नौकरी और व्यवसाय की दिक्कतें दूर करने के लिए घर में गणपति के सिंदूरी स्वरूप की फोटो लगानी चाहिए. इससे दिक्कतें दूर होती हैं और सफलता मिलती है.

बैठी मुद्रा में हो गणपति
ऐसा कहा जाता है कि अगर आप घर के लिए गणपति लेने जा रहे हैं तो गणपति की बैठी हुई मूर्ति को शुभ माना जाता है. ऐसी मूर्ति की पूजा करने से स्थाई लाभ होता है. इतना ही नहीं, इस दौरान आने वाली रुकावटें भी दूर हो जाती हैं.

गणपति की ऐसी मूर्ति न लें जिसमें गणेश के कंधे पर नाग के रूप में जनेउ न हो. ऐसी मूर्ति को भी अशुभ माना जाता है, जिसमें गणेश जी का वाहन न हो. ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से दोष लगता है. गणेश की ऐसी मूर्ति की स्थापना करें जिनके हाथों में पाश और अकुंश दोनो हो. शास्त्रों में गणपति के ऐसे ही रूप का वर्णन मिलता है.

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