जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा-अफगान की सुरक्षा के लिए तालिबान से जारी रखनी चाहिए बातचीत

Angela Markel On Taliban: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां की स्थिति काफी बदल चुकी है. अमेरिका समेत दूसरे देश की सरकारें अपने लोगों को वहां से बाहर निकालने में लगी हुई हैं. बाइडेन सरकार को तालिबान ने 31 अगस्त तक तय समय-सीमा के अंदर काबुल छोड़ने या परिणाम भुगतने की धमकी दी है.

इस बीच, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने बुधवार को कहा कि तालिबान से बातचीत करनी चाहिए. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मर्केल ने कहा कि यह अफगान की सुरक्षा के लिए हितकारी है कि तालिबान के साथ बात की जाए.

काबुल मिशन 31 अगस्त तक खत्म हो जाएगा: ब्रिटेन

इधर, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा कि वह ‘‘सटीक समयसीमा’’ नहीं बता सकते कि अफगानिस्तान से देश के नागरिकों को सुरक्षित निकालकर लाने वाले विमान कब तक उड़ान भरेंगे लेकिन यह अभियान 31 अगस्त तक खत्म हो जाएगा. राब ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि सैनिकों को इस महीने के अंत तक वापस बुला लिया जाएगा.’’

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने ब्रिटेन तथा अन्य सहयोगियों के अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के अभियान की अवधि बढ़ाए जाने की अपील ठुकराते हुए कहा कि यह समयसीमा 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी. तालिबान के डर से भाग रहे लोगों की मदद के लिए हवाईअड्डे पर अमेरिका के करीब 6,000 सैनिक मौजूद हैं.

राब ने कहा कि ब्रिटिश सेना को अपने लोगों तथा उपकरणों को वापस लाने की समयसीमा खत्म होने से पहले वक्त चाहिए होगा, लेकिन ‘‘हमारे पास जितना भी वक्त बचा है हम उसका अधिकतम इस्तेमाल करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सेना ने तालिबान के 15 अगस्त को अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद से काबुल हवाईअड्डे से 9,000 ब्रिटिश नागरिकों और खतरे में पड़े अफगानियों को विमान के जरिए निकाला है.

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