जानिए, क्या है ‘एंडेमिक स्टेज’? एपीडेमिक और पैनडेमिक के मुकाबले कैसे है अलग

Covid-19 Endemic Stage: कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में महामारी की स्थिति को लेकर बड़ी बात कही है. WHO की मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या विश्वनाथन के अनुसार यहां कोरोना वायरस की स्थिती ‘एंडेमिक स्टेज’ (Endemic stage) में जा सकती है.

जहां पैनडेमिक में वायरस लोगों पर हावी रहता है और एक बड़ी आबादी को अपनी चपेट में लेता है. वहीं एंडेमिक स्टेज तब आती है जब किसी एक जियोग्राफिक एरिया में कोई बीमारी या वायरस लगातार बना रहता है. आसान शब्दों में कहें तो एंडेमिक वो स्टेज है जब एक आबादी वायरस के साथ जीना सीख लेती है. 

दुनिया में अब तक कई देश कोरोना वायरस की ‘एंडेमिक स्टेज’ में पहुंच चुके हैं. थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर ये सभी देश अपने वहां वायरस के ‘एंडेमिक स्टेज’ में पहुंचने की बात कह चुके हैं. साथ ही इन देशों ने अपने नागरिकों से वायरस के साथ जीना सीखने की भी बात कही है. 

एंडेमिक, एपीडेमिक और पैनडेमिक में क्या है अंतर 

संक्रामक बीमारियां बैक्टीरिया या वायरस के जरिये फैलती हैं. ये हमेशा से ही हमारे बीच में मौजूद रहते हैं. किसी भी संक्रामक बीमारी को हम तीन स्टेज में बांट सकते हैं.

  • एंडेमिक स्टेज स्टेज, ये वो स्टेज है जब कोई बीमारी किसी क्षेत्र या आबादी में लगातार या स्थाई तौर पर मौजूद रहती है.  
  • एपीडेमिक स्टेज, ये वो स्टेज है जब संक्रामक बीमारी एक ही समय पर बहुत से लोगों को अपनी चपेट में लेती है और एक या एक से ज्यादा कम्यूनिटी में  फैलती है.
  • पैनडेमिक स्टेज, जब किसी एपीडेमिक बीमारी का संक्रमण ग्लोबल स्तर पर हो जाता है तब उसे पैनडेमिक कहा जाता है. 

संक्रामक बीमारियों को पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल 

एक्स्पर्ट्स के अनुसार, “अगले 12 से 24 महीनों में कोविड, एंडेमिक स्टेज में पहुंच जाएगा. इसके बाद ये वो आंकड़ा नहीं रह जाएगा जिस पर रोजाना नजर बनाए रखनी होगी.” पिछले दशकों में जो भी संक्रामक बीमारियां आई हैं वो किसी ना किसी रूप में हमारे बीच मौजूद रही हैं. इन्हें पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सका है. मलेरिया, टीबी, लेप्रोसी और खसरा ये कुछ ऐसी बीमारियां है जो पिछले लंबे समय से हमारे बीच बनीं हुई हैं और हम इनके साथ लगातार जीते आ रहे हैं. 

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