बिहारः सफाईकर्मियों की हड़ताल से बढ़ा बीमारी का खतरा, पहले दिन की बैठक में नहीं बनी बात

पटनाः बिहार में सफाईकर्मियों की हड़ताल से सड़क पर कचरों का ढेर पड़ा है. एक तरफ कचरों का ढेर तो दूसरी ओर बीमारी का खतरा. बीते पांच दिनों से सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं. बीते शनिवार को को प्रधान सचिव ने वार्ता भी की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका है. आज रविवार को फिर बातचीत होगी. वहीं, सफाईकर्मयों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वह काम पर नहीं लौटेंगे.

प्रधान सचिव ने कहा- मांगों पर हो रहा विचार

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने सफाईकर्मियों की राज्यव्यापी हड़ताल के मद्देनजर शनिवार को हड़ताली यूनियन के नेताओं के साथ वार्ता भी की. लगभग 2.5 घंटे तक बातचीत हुई जिसमें प्रधान सचिव ने संघ की सभी मांगों की बिंदुवार समीक्षा की. प्रधान सचिव ने यूनियन के नेताओं से कहा था कि उनकी विभिन्न मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है.

शनिवार के दिन बातचीत का नहीं हुआ फायदा

आनंद किशोर ने कहा कि यूनियन की वैसी मांग जो नियमों के अनुकूल है उसपर नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने यूनियन के नेताओं से जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी हड़ताल को अविलंब समाप्त करने की अपील की. हालांकि उसका कोई फायदा नहीं हुआ.

वार्ता के मध्य यूनियन के नेताओं ने प्रधान सचिव से उनकी मांगों को लेकर एक कमेटी के गठन का अनुरोध किया. उसके उपरांत प्रधान सचिव ने तीन सदस्य कमेटी का गठन किया. इसमें विशेष सचिव सह निदेशक, नगर पालिका प्रशासन निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग सतीश कुमार सिंह, निगम आयुक्त पटना नगर निगम हिमांशु शर्मा और उपनिदेशक बुद्ध प्रकाश शामिल हैं. हड़ताली यूनियन के नेताओं के साथ शनिवार की शाम में कमेटी के सभी सदस्यों ने बैठक आयोजित की. संघ के नेताओं की सहमति से रविवार को फिर से निर्णायक बैठक करने का निर्णय लिया था.

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