रंजीत रंजन का नीतीश कुमार पर निशाना, गठबंधन बदलने के लिए उठाया जा रहा जातीय जनगणना का मुद्दा

दरभंगाः बिहार में जातीय जनगणना (Caste Census) को लेकर सियासत तेज है. इस मामले में पूर्व सांसद रंजीत रंजन (Former MP Ranjeet Ranjan) ने विपक्ष को नसीहत दी है कि वह राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे को न उठाए. गुरुवार को दरभंगा में रंजीत रंजन मीडिया के सवालों का जवाब दे रहीं थीं. उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को आगे बढ़ना है. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) से कहा कि उनकी नीयत साफ है तो जातीय जनगणना जरूर कराई जानी चाहिए.

इस दौरान रंजीत रंजन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा कि अगर एक गठबंधन से दूसरे गठबंधन में जाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है तो यह गलत है और इसका किसी को लाभ नहीं होगा. वहीं, उन्होंने सरकारी संपत्ति के निजीकरण पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की. कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में पिछड़ी जातियों और दलितों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. खासतौर पर बिहार के नायकों ने इस मुद्दे को काफी पहले से उठाया है. उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना से समाज को लाभ होगा इसलिए इसे जरूर कराया जाना चाहिए.

कॉरपोरेट घरानों को पहुंचाया जा रहा फायदा

वहीं, सरकारी कंपनियों, पुरातात्विक भवनों और सड़कों तक को निजी क्षेत्र को दिए जाने के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. रंजीत रंजन ने कहा कि वह दिन भी आएगा जब मालूम भी नहीं होगा और आपको बेच दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश के लोगों ने जिस प्रधानमंत्री को चुना है उनका फर्ज है कि वे अपने घर को बचा कर रखें, लेकिन भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री देश की संपत्ति को निजी हाथों में देकर खजाना भरने का दावा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है और इससे देश को बड़ा नुकसान होगा.

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