वाजे की कथित गर्लफ्रेंड का खुलासा, वह एस्कॉर्ट सर्विस छुड़ाकर मुझे बिज़नेस वुमन बनाना चाहता था

मुंबई: एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरन हत्याकांड मामले में एनआईए ने लगभग 10 हजार पन्नों की चार्जशीट एनआईए कोर्ट में दायर की है.  इस चार्जशीट में एनआईए ने बड़ी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. लगभग 158 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. उन गवाहों के बयानों में कुछ ऐसे बयान हैं, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. इन खुलासों ने सचिन वाजे की जिंदगी के छिपे पहलुओं को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है. इन बयानों में एक महत्वपूर्ण बयान सचिन वाजे की राज़दार और कथित गर्लफ्रेंड का भी है, जो पेशे से एक वक्त एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़ी हुई थी. 

एस्कॉर्ट गर्ल एक दशक तक रही वाज़े की राजदार

सचिन वाजे ने साल 2011 में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर इस लड़की से मुलाकात की थी. महिला से पहली मुलाकात में सचिन वाजे ने अपने बारे में गलत जानकारी दी थी.  अपना गलत नाम और अपने आपको एक बिजनेसमैन बताया था, लेकिन सचिन वाजे को यह एस्कॉर्ट गर्ल इतनी पसंद आई कि वह बार-बार इस एस्कॉर्ट गर्ल से मिलने लगा. सचिन वाजे  कथित तौर पर कई सालों तक इस एस्कॉर्ट गर्ल के साथ संबंधों में था. 

दो-तीन मुलाकातों के बाद उसने अपने बारे में बताया कि वह मुंबई पुलिस का अधिकारी रह चुका है और अब वह बिजनेस करता है. सचिन वाजे ने यह भी बताया कि वह मूल रूप से महाराष्ट्र के कोल्हापुर का है और मुंबई के नजदीक ठाणे शहर में अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहता है. एस्कॉर्ट गर्ल ने बताया कि वह कई बार सचिन  के ठाणे शहर के दफ्तर में भी जा चुकी है. यहां तक की ठाणे के पासपोर्ट ऑफिस में पासपोर्ट बनाने की आवेदन के लिए सचिन ने उसकी मदद की थी. 

वाज़े एस्कॉर्ट गर्ल को बनाना चाहता था बिज़नेस वुमन

सचिन वाजे ने कुछ कंपनियों को स्थापित करने में एस्कॉर्ट गर्ल वाली महिला मित्र की मदद की. एनआईए को दोनों के संयुक्त रूप से संचालित लॉकर में भारी मात्रा में नकदी मिली है. साथ ही वाज़े द्वारा उनके लिए स्थापित की गई एक कंपनी में 1.5 करोड़ रुपये के बड़े पैसे का लेन-देन भी पाया गया. सचिन वाजे की महिला मित्र और पेशे से एस्कॉर्ट गर्ल ने एनआईए के सामने खुलासा किया कि सचिन वाजे उसे बिजनेस वुमन बनाना चाहता था, इसके लिए उसने दो कंपनियां भी शुरू की थी.  उन कंपनियों के नाम मयंक ऑटोमेशन और मयंक टूर्स एंड ट्रैवल हैं. 

साल 2016 में सचिन ने इन कंपनियों को रजिस्टर कराने को कहा था. साल 2017 में सचिन वाजे के कहने पर मोटो सर्जन ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में एस्कॉर्ट गर्ल डायरेक्टर बन गई. मोटोसर्जन ऑटोमोबाइल कंपनी दोपहिया वाहनों का वर्क शॉप की दुकान थी, जिसकी एक चैन बनाने की योजना थी. महिला ने बताया कि उसने इस कंपनी में अपने कमाए हुए 17 लाख रुपए भी लगा है लेकिन यह कंपनी कभी अच्छा नहीं कर सकी. 

सचिन वाजे देता था महीने का खर्चा

सचिन की राजदार महिला मित्र ने बताया कि पुलिस फोर्स में वापसी के बाद अगस्त 2020 से सचिन वाजे उसे हर महीने ₹50 हजार देता था. जिसके बाद उसने एस्कॉर्ट सर्विस का काम छोड़ दिया. महिला ने बताया कि वह साउथ मुंबई के एक होटल में मिला करती थी, जहां वह से उसे पैसे देता था.  बिजनेस के लिए पैसे वह सेविंग अकाउंट में या फिर ऑटोमेशन कंपनी के अकाउंट में भेजा करता था. 

सचिन और उसकी कथित गर्लफ्रैंड चलाते थे अकाउंट

सचिन की महिला मित्र ने बताया कि उसका और सचिन का कोई ज्वाइट अकाउंट नहीं है लेकिन मुंबई के वर्सोवा ब्रांच के डीसीबी बैंक में वह दोनों संयुक्त रूप से अकाउंट चलाते हैं.  महिला मित्र ने बताया कि सचिन की गिरफ्तारी के दूसरे दिन उसने बैंक अकाउंट से ₹5 लाख निकाले थे और वह ₹5 लाख उसने अपने भाई को दिए थे और अपने भाई को बताया था कि अगर किसी स्थिति में एनआईए उसे गिरफ्तार करती है तो वह इन पैसों का इस्तेमाल किसी अच्छे वकील को रखकर जमानत दिलाने में करें.

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