विनोद कुमार को ब्रॉन्ज मेडल के लिए करना पड़ेगा इंतेजार, जानें क्यों होल्ड पर रखा गया नतीजा

Tokyo Paralympics 2020: टोक्यो में खेले जा रहे पैरालिंपिक खेलों में 41 साल के BSF जवान विनोद कुमार ने डिस्क्स थ्रो (चक्का फेंक) में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. हालांकि, कुछ ही समय के बाद आयोजकों के एक फैसले की वजह से विनोद का ब्रॉन्ज मेडल जीतने का जश्न फींका पड़ गया. दरअसल, आयोजकों ने विनोद कुमार का रिजल्ट होल्ड पर रख दिया है, और अब जानकारी मिली है कि इसपर फैसला कल यानी सोमवार को लिया जाएगा. 

जानिए क्या है पूरा मामला 

विनोद को क्लासीफिकेशन में एफ52 में रखा गया. इसमें वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनकी मांसपेशियों की क्षमता कमजोर होती है और उनके मूवमेंट सीमित होते हैं, हाथों में विकार होता है या पैर की लंबाई में अंतर होता है, जिससे खिलाड़ी बैठकर प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं. रीढ़ की हड्डी में चोट वाले या ऐसे खिलाड़ी जिनका कोई अंग कटा हो, वे भी इसी वर्ग में हिस्सा लेते हैं. 

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस आधार पर क्लासिफिकेशन को चुनौती दी गयी है. खेलों के आयोजकों के बयान के अनुसार, “प्रतियोगिता में क्लासिफिकेशन निरीक्षण के कारण इस स्पर्धा का नतीजा अभी समीक्षा के अधीन है. पदक समारोह भी 30 अगस्त के शाम के सत्र तक स्थगित कर दिया गया है.” 

विनोद ने किया था कमाल

विनोद कुमार ने डिस्क्स थ्रो के F52 कैटेगरी में 19.98 मीटर के थ्रो के साथ एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया. विनोद ने अपने छह प्रयास (Attempt) में 17.46 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने 18.32 मीटर, 17.80 मीटर, 19.20 मीटर, 19.91 मीटर और 19.81 मीटर के थ्रो किए. उनका पांचवां थ्रो 19.91 मीटर सर्वश्रेष्ठ थ्रो माना गया. इसके साथ ही उन्होंने एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया. हालांकि, अब आयोजकों का फैसला आने के बाद ही मामले पर स्थिति साफ हो पाएगी. 

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