शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या से परेशान हैं तो शनि देव को ऐसे करें प्रसन्न

Shani Dev: शनि की दृष्टि मात्र पड़ने से ही व्यक्ति के जीवन में उथल-पुथल आरंभ हो जाती है. पौराणिक कथाओं में बताया गया कि शनि देव की दृष्टि से मनुष्य ही नहीं देवता भी भय खाते हैं. शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है. शनिवार को पूजा करने और दान आदि के कार्य करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. 28 अगस्त 2021 को शनिवार का दिन है. ये भाद्रपद मास का पहला शनिवार है. मान्यता है कि भाद्रपद मास में पूजा करने से शनि विशेष फल प्रदान करते हैं.

शनि वक्री 2021
मकर राशि में शनि देव वर्तमान समय में विराजमान हैं. विशेष बात ये है कि शनि देव इस समय उल्टी चाल चल रहे हैं, यानि शनि वक्री हैं. शनि वक्री से मार्गी 11 अक्टूबर 2021 को होंगे. शनि वक्री होते हैं तो शुभ फल प्रदान नहीं करते हैं. माना जाता है कि शनि वक्री होने पर पीड़ित हो जाते हैं. शनि को उल्टी चाल चलने में पीड़ा होती है.

शनि की साढेसाती
धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, वहीं मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या बनी हुई है. इसलिए शनिवार के दिन इन राशि वालों को शनि देव की विशेष पूजा करनी चाहिए. 

शनि के उपाय
शनि देव को न्याय का देवता माना गया है. शनि देव को प्रसन्न रखने के लिए कभी भी गलत कार्य नहीं करने चाहिए. व्यक्ति को नियम और अनुशासन का पालन करना चाहिए. इसके साथ ही जो कमजोर व्यक्तियों को सताते हैं, शनि देव ऐसे लोगों को अपनी दशा, सोढ़साती और ढैय्या आने पर कठोर दंड देते है. इन कार्यों को करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं-

  • कमजोर व्यक्तियों की मदद करें
  • रोगियों की सेवा करें
  • जानवरों को भोजन प्रदान करें.
  • छाता का दान करें
  • परिश्रम करने वालों का कभी अपमान न करें.

शनि की पूजा
शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. इस दिन शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाना शुभ माना गया है. भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण और हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं.

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