शुक्रवार के दिन इस माला से जाप करने से होगा चमत्कार, मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न और बनेंगे धनवान

Lakshmi Ji: आज के समय में हर व्यक्ति धनवान बनना चाहता है इसलिए मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) का आशीर्वाद पाने के लिए कोई न कोई मार्ग ढूंढता रहता है. मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी (Friday Lakshmi Puja) को समर्पित है. कहते हैं कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा आदि करने से वे प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखती हैं. लेकिन हर देवी-देवता की पूजा करने का अलग तरीका होता है. कुछ विशेष मंत्रों का जाप (Lakshmi JI Mantra Jaap) किया जाता है. साथ ही, मंत्र करते समय सही माला का होना भी उतना ही जरूरी है. आइए जानते हैं मां लक्ष्मी के लिए किस माला का प्रयोग करना चाहिए.   

मां लक्ष्मी का जाप स्फटिक की माला से करें  (Do Lakshmi Mantra Jaap With Sphatik Garland)

मान्यता है कि अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या फिर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं तो इसके लिए शुक्र की मजबूती और मां लक्ष्मी का प्रसन्न होना बेहद जरूरी है. ज्योतिषियों का कहना है कि मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप स्फटिक की माला से किया जाना चाहिए. स्फटिक एक रंगहीन, पारदर्शी पत्थर होता है. इसे शुद्ध क्रिस्टल या व्हाइट क्रिस्टल के नाम से जाना जाता है. कांच की तरह नजर आने वाला स्फटिक बर्फीले पहाड़ों पर बर्फ के नीचे टुकड़ों के रूप में पाया जाता है. बता दें कि स्फटिक की माला से मां दुर्गा और मां सरस्वती के मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है.

ये है जाप करने का सही तरीका 

– बता दें कि जाप का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब सही तरीके से मंत्र जाप किया जाता है. मंत्र जाप करते समय जमीन पर शुद्ध ऊनी आसन बिछाएं और खुद पद्मासन या सुखासन में बैठें. 

– इस बात का ध्यान रखें कि माला को इस्तेमाल करने से पहले शुद्ध जल से धो लें और तिलक जरूर लगाएं. 

– माला को दाएं हाथ में लेकर पूर्व दिशा की ओर मुंह कर लें. इसके बाद मध्यमा उंगली पर माला रखकर अंगूठे से एक एक मनका आगे बढ़ाते हुए जाप करें. 

– मंत्र जाप के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि नाखून मनके पर स्पर्श नहीं होना चाहिए.

– इसके अलावा, माला को हमेशा न तो नाभि से नीचे रखें और न ही नाक से ऊपर. माला को सीने के करीब 4 अंगुल दूर रखकर जाप करें.

-अगर आप कई बार माला का जाप कर रहे हैं, तो एक माला पूरी होने के बाद माला के ऊपर के मोती को क्रॉस नहीं करें. वहीं से माला को आगे शुरु कर दें. 

– इतना ही नहीं, माला की संख्या पहले ही निर्धारित होनी चाहिए. साथ ही, जाप संकल्प के साथ करें. तभी जाप का फल प्राप्त होता है. 

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इन मंत्रों का करें जाप
– ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:

– ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्

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