सीएम योगी ने नवमी पर कन्‍याओं के पांव पखारे, कहा- नारी सशक्तिकरण की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है

CM Yogi Adityanath in Navmi Pujan: यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने वैश्विक महामारी के बाद पहली बार आयोजित हुए कन्‍या पूजन में नौ कन्‍याओं के पांव पखारे. उनका तिलक कर उन्‍हें लाल चुनरी ओढ़ाई और 111 कन्‍याओं और 111 बटुकों को भोज भी कराया. कन्‍या पूजन को योगी आदित्‍यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्‍वर की भूमिका का निर्वहन किया. पूरे नौ दिन के व्रत और पूजा-पाठ के साथ उन्‍होंने नवमी के दिन कन्‍याओं का पूजन किया और उनके पांव धोकर माला और चुनरी पहनाई. इसके साथ ही उन्‍होंने कन्‍याओं को उपहार भी दिए. कन्‍या पूजन को उन्‍होंने नारी सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा कि ये आयोजन हमें नारी सशक्तिकरण की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है. उन्‍होंने कन्‍याओं के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की ओर भी ध्‍यान आ‍कर्षित किया. इस दौरान वहां बच्‍चों और उनके माता-पिता ने भी मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ खूब सेल्‍फी ली.    

मातृ शक्ति की परंपरा 

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि शारदीय नवरात्रि की आज नवमी तिथि है. आदि काल से भारत की सनातन धर्म की परम्‍परा वर्ष में दो बार वासंतिक और शारदीय नवर‍ात्रि के आयोजन को शक्ति की अधिष्‍ठात्री देवी के पूजन और अनुष्‍ठान के रूप में आयोजित करती आ रही है. हजारों वर्षों की इस विरासत पर हर भारतीय को गौरव की अनुभूति होती है. वर्ष में दो बार ये अवसर आता है जब हम अपने समाज को उस सभ्‍यता, संस्‍कारों और उन संस्‍कृति के साथ उसका अहसास कराते हैं कि मातृ शक्ति का हमारी परम्‍परा में क्‍या महत्‍व है.

कन्याओं का पूजन सौभाग्य

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आज हम सबका सौभाग्‍य है कि, शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर देवी स्‍वरूपा कुंवारी कन्‍याओं के पूजन का पावन अवसर है. ये मेरा सौभाग्‍य है कि गोरक्षपीठ की इस परम्‍परा में कुंवारी कन्‍याओं के पूजन का सौभाग्‍य मुझे प्राप्‍त हुआ है. सैकड़ों की संख्‍या में देवी स्‍वरूपा बालिकाएं यहां उपस्थित हुई हैं. उनके पूजन का कार्यक्रम यहां सम्‍पन्‍न हुआ है. नौ दिनों तक जो यहां पर अनुष्‍ठान का कार्यक्रम चलता है. इस अनुष्‍ठान के कार्यक्रम के उपरान्‍त आदि शक्ति मां दुर्गा के भोग  के लिए जो प्रसाद बना है, वो वितरण कराकर देवी स्‍वरूपा बालिकाओं को प्रसाद खिलाया जा रहा है.

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि, भारतीय सनातन धर्म की परम्‍परा के अंदर मातृशक्ति के भाव को प्रदर्शित करने का ये सबसे सशक्‍त माध्‍यम है. हमें अपने पर्व और त्‍योहारों के इस महत्‍व को मातृशक्ति किसी भी क्षेत्र में कम और कमजोर नहीं है. ये भाव उनके प्रति हर एक मन में आना चाहिए. व्‍यवहारिक रूप में भी हम इसे साकार करेंगे, तो मातृशक्ति के साथ बहन-बेटियों की सुरक्षा के साथ यदा-कदा जो घटनाएं देखने को मिलती हैं, उनको नियंत्रित करने में सफलता प्राप्‍त होगी. हमें इन संस्‍कारों और परम्‍पराओं के साथ जुड़ना होगा.

बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सरकार चैतन्य

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि, दूसरा शक्ति की अधिष्‍ठात्री देवी की पूजा का महत्‍व इस बात को प्रदर्शित करता है कि वो आदि शक्ति हैं. इस सराचर जगत के हर एक शक्ति का आधार है. स्‍वाभाविक रूप से बालिकाओं और बे‍टियों के प्रति प्रत्‍येक नागरिक को अपना दृष्टिकोण बदलना होगा. ये सबला हैं. हर एक क्षेत्र में नेतृत्‍व दे सकती हैं. समाज का योग्‍य मार्गदर्शन कर सकती हैं. बालिकाओं की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वावलंबन के लिए अभियान को आगे बढ़ाना होगा. हमें इस बात की प्रसन्‍नता है कि सरकारें इसके बारे में काफी चैतन्‍य हैं.

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि, बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का अभियान प्रधानमंत्री मोदी जी ने शुरू किया. वो बेटी को बचाने और पढ़ाने के लिए भी है. एक बेटी बचेगी और एक बेटी पढ़ेगी, तो समाज में सम्‍मान और स्‍वावलंबन के मार्ग का अनुसरण स्‍वयं करते हुए दिखाई देगी. समाज की चैतन्‍यता उसे आगे बढ़ाने में मदद करेगी. मातृ वंदना का कार्यक्रम या बेटियों की सुरक्षा का कार्यक्रम हमें इस दिशा में एक नई दिशा प्रदान करते हैं. प्रदेश सरकार ने भी इस दिशा में अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं.

मुख्यमंत्री सुमंगला योजना 

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि, खासकर मुख्‍यमंत्री सुमंगला योजना के माध्‍यम से बालिका के जन्‍म से लेकर स्‍नातक तक की शिक्षा निःशुल्‍क शिक्षा और उन बालिकाओं के लिए 15 हजार के पैकेज की व्‍यवस्‍था इस योजना के अंतर्गत प्रारम्‍भ की गई है. अब तक 10 लाख बालिकाओं ने इसका लाभ लिया है. इसी प्रकार से प्रदेश के अंदर गरीब कन्‍याओं की शादी के लिए इस दिशा में भी प्रयास हुआ है. अब तक पौने दो लाख कन्‍याओं की शादी हुई है. मिशन शक्ति कार्यक्रम भी यूपी में इसी अभियान का हिस्‍सा है. ये भी मातृ शक्ति के स्‍वावलंबन और सम्‍मान से जुड़ा हुआ है. ये हर उत्‍तर प्रदेश के सभी नागरिकों को इससे जोड़ने के‍ लिए प्रेरित करता है. नौ दिनों तक नवरात्रि के कार्यक्रम के उपरांत कल विजयादशमी का पर्व है.

विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा 

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि सत्‍य, न्‍याय और धर्म का अनुसरण करते हुए बड़ी से बड़ी ताकतों को कैसे परास्‍त किया जा सकता है. विजयादशमी का ये पर्व हम सभी को सत्‍य के मार्ग का अनुसरण करने और धर्म के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान कर रहा है. सत्‍य जहां होगा, वहां विजय अवश्‍य होगी. शारदीय नवरात्रि की प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना देता हूं. भगवान श्रीराम के रावण पर विजय के इस पर्व विजयादशमी को सभी सनातन धर्मावलंबी बड़े ही हर्ष और उल्‍लास के साथ मनाता है. कल विजयादशमी के पावन पर्व पर भी मर्यादा पुरुषोत्‍तम भगवान श्रीराम के विजय के इस पावन पर्व को पूरे भारतवासी इसी श्रद्धा और सम्‍मान के साथ मनाएंगे.  

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कन्‍या ख्‍याति, विजयरायलक्ष्‍मी और बटुक विश्‍वजीत कान्‍हा ने बताया कि योगी बाबा ने उनका पांव पखारने के बाद तिलक लगाया, उन्‍हें चुनरी ओढ़ाई और आरती करने के बाद उन्‍हें भोज भी कराया. इस दौरान कन्‍याओं और बटुकों के साथ उनके खूब सेल्‍फी ली. इस दौरान उन्‍होंने बच्‍चों को उपहार दिया.

ये भी पढ़ें.

Ayodhya: राम मंदिर निर्माण का सबसे मुश्किल काम जारी, मौसम और तापमान की है अहम भूमिका

Source link ABP Hindi