सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में परेशान हैं लोग, गड्ढों में तब्दील हुई सड़कें

Raebareli News: उत्तर प्रदेश का रायबरेली (Raebareli) वीवीआइपी जिला माना जाता है और यहां की सांसद सोनिया (Sonia Gandhi) गांधी हैं. बावजूद इसके रायबरेली की सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क कह पाना मुश्किल है. रायबरेली की सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिसकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं. लेकिन इस तरफ ना तो किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान जाता है और ना ही किसी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी का. 

परेशान हैं लोग 
वीवीआइपी जिला घोषित होने के बावजूद रायबरेली शहर की सड़कें हो या फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सभी सड़कों में इतने गड्ढे हो चुके हैं कि लोगों का चलना दूभर हो चुका है. शहर की जेल रोड सबसे खराब सड़क के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है. जबकि, ये प्रयागराज (Prayagraj) और कानपुर (Kanpur) हाईवे को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण लिंक रोड है. इसी तरह शहर की अन्य सड़कें भी पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं. इतना ही नहीं लापरवाही का आलम तो डीह परशदेपुर रोड पर देखा जा सकता है जहां सिविल लाइन से पीएसी तक ना सिर्फ लोगों का चलना दूभर  है बल्कि आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों के का जीवन नारकीय साबित हो रहा है. क्योंकि, एक  लगभग साल भर पहले अमृत योजना (Amrit Yojana) के तहत सड़क को खोदा गया था लेकिन अभी तक ना तो योजना ही पूरी हो पाई और ना ही सड़क का निर्माण ही हो पाया है।. इसी तरह कहारों का अड्डा, जहानाबाद, गल्ला मंडी और रतापुर की सड़कें भी पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं. 

बुरे हाल में हैं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें 
शहरी क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और बुरा है. सड़कें पूरी तरह उधड़ चुकी हैं. लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें का सामना करना पड़ रहा है. डलमऊ क्षेत्र की सड़क हो या फिर सरेनी, बछरावां, सलोन, ऊंचाहार सभी जगहों की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. इतना ही नहीं सांसद सोनिया गांधी के आवास भुएमऊ से रुस्तमपुर चकलोदीपुर मार्ग की सड़क पर डामरीकरण का नामोनिशान नहीं बचा है. पूरी सड़क में गढ्ढे ही गढ्ढे हैं. 

जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर उठे सवाल 
जिले की सांसद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी है और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं (Yogi Adityanath). इसके बावजूद जिले की सड़कों का ये हाल होना जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है. रायबरेली में 3 भाजपा के विधायक, भाजपा एमएलसी, भाजपा का ही जिला पंचायत अध्यक्ष और एक तरह से देखा जाए तो दो कांग्रेसी बागी विधायक भी भाजपा का ही गुणगान करते नजर आते हैं तो वे भी भाजपाई ही माने जाते हैं. इस तरह रायबरेली लगभग भाजपा मय ही मानी जा रही है लेकिन सभी खद्दरधारी कुंभकर्णी नींद में सोते हुए सिर्फ अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं. जनता की समस्याओं से इन जनप्रतिनिधियों का कोई सरोकार नहीं है. जबकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गड्ढा मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लिया था.  

गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं सड़कें 
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं. आए दिन जलभराव होता है जिसकी वजह से हादसे होते रहते हैं. केवल शहर की सड़कों में नहीं जिले की सभी सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं. लेकिन, इस पर ना तो प्रशासनिक अधिकारी ध्यान देते हैं और ना ही कोई नेता. सभी सड़कें पूरी तरह टूट चुकी है.

ये भी पढ़ें: 

Ghaziabad News: 5वीं के छात्र ने स्कूल के ग्रुप में भेजा अपहरण का मैसेज, हुआ चौंकाने वाला खुलासा 

UP Weather Update: पूर्वी यूपी में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अनुमान, उत्तराखंड को लेकर भी अलर्ट

Source link ABP Hindi