संतों ने की सरयू नदी की पूजा-अर्चना, चुनरी चढ़ाकर मनोकामना पूर्ति का मांगा आशीर्वाद 

Saryu River Worship in Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद से साधु-संत उत्साहित हैं. मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने आहुतियां दी हैं. राम मंदिर विवाद पर फैसला आने के बाद अब मंदिर का निर्माण तेजी के साथ किया जा रहा है, जिससे संत समाज में खुशी का माहौल है. खुशी के इस मौके के बीच कोरोना काल में लाखों की संख्या में लोग काल के गाल में समा गए. ऐसे में बहुत से ऐसे लोग थे जिनका अंतिम संस्कार विधि विधान से नहीं हो पाया. इन सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए आज सरयू नदी पर पूजन-अर्चन किया गया. 

सरयू नदी का दुग्धाभिषेक किया गया
मुख्य रूप से कोरोना काल में मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों की आत्मा की शांति और राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के साथ-साथ मंदिर निर्माण निर्विरोध संपन्न हो, इस मनोकामना के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने आज वैदिक ब्राह्मणों के साथ सरयू में पूजन-अर्चन किया. सरयू नदी का दुग्धाभिषेक किया गया और मां सरयू को चुनरी चढ़ाकर मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा गया. इस खास मौके पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए तमाम संत-महंत भी मौजूद रहे.

मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि अयोध्या में निवास करने का फल सरयू का नित्य दर्शन है. सरयू के किनारे संसार के प्राणी भगवान के चरणों का अखंड दर्शन प्राप्त करते हैं. समस्त बाधाएं दूर होती हैं. वर्तमान में राष्ट्र के सामने कोरोना की बीमारी का संकट है. हमने सरयू मां की पूजा-अर्चन कर आशीर्वाद मांगा है कि कोरोना का संकट दूर हो और राम मंदिर का निर्माण निर्विवाद रूप से चलता रहे. जगत कल्याण के लिए पूजा-पाठ कर मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा है. 

की गई सरयू नदी की पूजा 
पूजा में मुख्य यजमान की भूमिका निभाने वाले विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि मोक्षदायिनी माता सरयू को नमन करने के लिए पूज्य संत और धर्माचार्य एकत्रित हुए हैं. हम सब लोग भी पूजन में समलित है. आज का कार्यक्रम सतत कार्य सिद्धि और कोरोना काल मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए किया गया है. 

चढ़ाई गई चुनरी 
महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि सरयू के दर्शन और पूजन से पुण्य फल प्राप्त होता है. सरयू दर्शन से सभी कामनाओं की सिद्धि होती है. सरयू जी का स्नान और दर्शन महत्वपूर्ण होता है. सरयू जी का पूजन किया गया, चुनरी चढ़ाई गई, समस्त कार्यों की सिद्धि सरयू जी के पूजन से होती है. मंदिर निर्माण में ना कोई बाधा है और ना बाधा आ पाएगी. मंदिर निर्माण का सारा कार्य प्रशस्त है.

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