बच्चों में टंग टाई होने के लक्षण और उपचार

आजकल कुछ बच्चों में देरी से बोलने की समस्या पाई जाती है. खासतौर से लड़के काफी देरी से बोलते हैं. कई बच्चे ऐसे भी होते हैं जिन्हें बोलने में काफी परेशानी होती है. इसके पीछे बच्चों में पाई जाने वाली एक बड़ी साधारण समस्या टंग टाई (Tongue Tie) हो सकती है.  जो बच्चे जीभ को ज्यादा घुमा नहीं पाते उन्हें टंग टाई की समस्या हो सकती है. कुछ बच्चों में जन्म के साथ ही ये समस्या होती है. ऐसे में बच्चे को दूध पीने में, खाने में और बोलने में परेशानी होने लगती है. हालांकि समय पर इस समस्या को पहचान लिया जाए तो आप इससे होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं. जानते हैं इसके लक्षण और उपचार 

क्या है टंग टाई?
दरअसल टंग टाई में बच्चे की जीभ का तंतु (फ्रेनुलम) बहुत छोटा होता है और वो जीभ को मुंह के तले से बांध देता है. इस समस्या की वजह से जीभ ज्यादा ऊपर नहीं उठ पाती और न ही ज्यादा हिल पाती है. इससे बच्चे को बोलने और खाने में बहुत दिक्कत होती है. 

टंग टाई के लक्षण
⦁ इसमें बच्चे मुंह खोलने के बाद भी जीभ बाहर नहीं निकाल पाते.
⦁ इस बीमारी में जीभ के नीचे एक वर्टिकल स्किन का टुकड़ा दिखने लगता है. 
⦁ बच्चा जीभ को हिलाने में और ऊपर की ओर ले जाने में असमर्थ होता है. 
⦁ कई बार बच्चा जीभ को साइड में भी नहीं कर पाता.
⦁ कुछ बच्चों की जीभ का साइज भी असामान्य होता है.
⦁ इससे बच्चा दूध पीते वक्त कई बार अच्छी पकड़ नहीं बना पाता है.

शिशु में टंग टाई के लक्षण

  • इस स्थिति में शिशु बार-बार निप्पल को पकड़ता और छोड़ता है.
  • ऐसी स्थिति में बच्चा दूध पीते समय क्लिकिंग साउंड निकालता है.
  • कुछ बच्चों का वजन भी कम होने लगता है.
  • इस समस्या से परेशान बच्चे जल्दी थक जाते हैं और दूध पीने में ही सो जाते हैं.
  • ऐसे बच्चों को दूध पिलाते समय निप्पल में दर्द होने लगता है और दूध भी बहुत कम आता है.
  • जो बच्चे बॉटल से दूध पीते है इसके अंदर कई तरह की हवा भर जाती है.
  • ऐस परेशानी से जूझ रहे बच्चे जल्दी थक जाते हैं और पास दूध निकाल देचे हैं. 

टंग टाई होने की वजह 
दरअसल इसके पीछे की ठोस वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसे जेनेटिक समस्या भी माना जा रहा है. आम तौर उन बच्चों में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है जिनके माता पिता को भी यह समस्या हो चुकी हो. हालांकि कई बार जेनेटिक हिस्ट्री के बिना भी बच्चों में ये समस्या हो जाती है. 

टंग टाई का इलाज
जिन बच्चों का तंतु यानि फ्रेनुलम मोटा होता हैं उनकी फ्रेनुलो प्लास्टी की जाती है. इसमें बच्चे को बेहोशी की दवाई दी जाती है और फिर सर्जरी की जाती है. वहीं फ्रेनोटॉमी को बच्चे के जन्म के बाद छोटे तंतु को एक केंची से काट दिया जाता है. ये काफी आसान प्रक्रिया है. 

टंग टाई से बच्चे को परेशानी 

1- बच्चे को इसमें कई बार बहुत परेशानी होती है.
2- बच्चे को बोलने में समस्या होने लगती है.
3- शिशु को दूध पीने में भी परेशानी होती है.
4- बच्चे को जीभ को हिलाने तक में काफी तकलीफ होती है.
5- बच्चे को जीभ को उठाने, साइड में ले जाने में भी परेशानी होती है.

टंग टाई की पहचान होते ही आपको बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. इसका जितनी जल्दी हो सके इलाज करवा लें. 

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