कोविड-19 से मौत के खिलाफ वैक्सीन के दो डोज देते हैं 95 फीसद सुरक्षा- ICMR

नई रिसर्च ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण कराने के लिए हौसला बढ़ानेवाला हो सकती है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने पाया है कि कोविड-19 वैक्सीन का दो डोज बीमारी के कारण मौत के खिलाफ 95 फीसद सुरक्षा दे सकता है, और सिंगल डोज मौत को रोक पाने में 82 फीसद प्रभावी है. रिसर्च का प्रकाशन इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में हुआ है.

मौत के खिलाफ वैक्सीन के दो डोज 95 फीसद देते हैं सुरक्षा

आईसीएमआर के शोधकर्ताओं ने कहा, “जरूरी है कि कोविड-19 वैक्सीन का कवरेज बढ़ा जाए, चाहे वैक्सीन किसी प्रकार की हो, ताकि वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में कोविड-19 महामारी के दौरान मृत्यु दर को कम किया जा सके.” रिसर्च को तमिलनाडु पुलिस विभाग के 117,524 पुलिसकर्मियों पर किया गया था. इस दौरान उन्हों ने या तो कोई डोज नहीं लिया या कम से कम वैक्सीन का एक डोज लगाया गया. शोधकर्ताओं ने बताया, “निष्कर्ष के तौर पर, हमारे विश्लेषण से संकेत मिला कि कोविड-19 टीकाकरण, यहां तक कि सिंगल डोज मौत की रोकथाम में प्रभावी था.”

रिसर्च में कोविड-19 वैक्सीन के दोनों डोज का मूल्यांकन  

तमिलनाडु का पुलिस विभाग दूसरी लहर के दौरान अपने सदस्यों के टीकाकरण और कोविड-19 से जुड़ी मौत के साथ टीकाकरण और अस्पताल में भर्ती होने की तारीख का दस्तावेज तैयार किया है. वैक्सीन इस्तेमाल कर चुके और वैक्सीन नहीं लगवानेवाले पुलिसकर्मियों के बीच कोविड-19 के कारण मौत की घटना का अनुमान लगाने के लिए डेटा का इस्तेमाल किया गया था. रिसर्च के मुताबिक, कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी मौत के खतरे का मूल्यांकन करने के लिए वैक्सीन लगवाने वाले और वैक्सीन नहीं लगवाने वालों के बीच मौत की घटना से तुलना की गई. 117,524 पुलिसकर्मी तमिलनाडु में पुलिस विभाग के साथ काम कर रहे थे.

इस साल 1 फरवरी और 14 मई के बीच 32,792 पुलिसकर्मियों को एक डोज लगाया गया, दूसरी तरफ 67,673 पुलिसकर्मियों ने वैक्सीन का दो डोज लिया जबकि  17,059 कर्मियों ने किसी भी वैक्सीन की डोज नहीं लगवाई. रिसर्च से खुलासा हुआ कि कोविड-19 के कारण 31 मौत 13 अप्रैल और 14 मई के बीच दर्ज की गई, उनमें से चार पुलिसकर्मियों ने दो डोज लिया था, 7 ने एक डोज और बाकी 20 पुलिसकर्मियों ने एक भी डोज नहीं लगवाई थी. टीकाकरण करवा चुके पुलिसकर्मियों के बीच कोविड-19 से जुड़ी मौत की घटना जीरो रही. टीकाकरण नहीं करवाने वालों के मुकाबले, एक डोज और दो डोज लगवाने वालों के बीच कोविड-19 के कारण मौत का तुलनात्मक जोखिम क्रमश! 0.18 और 0.05 था. एक डोज और दोनों डोज से मौत की रोकथाम करने में वैक्सीन का असर क्रमश! 82 फीसद और 95 फीसद पाया गया. 

प्रेगनेन्सी में मलेरिया कैसे महिला और बच्चे को करता है प्रभावित? जानिए लक्षण और संकेत

World Chocolate Day 2021: जानें क्या है चॉकलेट का इतिहास, शरीर को कैसे पहुंचाती है फायदा

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*