ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर इटावा में जुबानी जंग तेज, बीजेपी विधायक ने अंशुल यादव को दी चुनौती

Block Pramukh Election in Etawah:  इटावा ब्लॉक प्रमुख चुनाव में ज़ुबानी जंग तेज होती जा रही है. बीजेपी विधायक सरिता भदौरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में इटावा से निर्विरोध जीत कर आये मुलायम के भतीजे अंशुल यादव को 2022 विधानसभा चुनाव में अपने सामने इटावा से चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे दी. उन्होंने कहा कि, हैसियत है, तो लड़ कर दिखाए मेरे सामने विधान सभा चुनाव, अगर वह जीत गए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी, नहीं तो वो छोड़ दे राजनीति. सपाई भाजपा को कमज़ोर न समझे अगर अपनी पर आ गये तो ज़िला पंचायत आवास में घुस कर ले जाएंगे बी डी सी सदस्य को.

सरिता भदौरिया के लिये नाक का सवाल बना चुनाव

इटावा में ब्लॉक प्रमुख (बढ़पुरा सीट) का चुनाव भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया के लिए नाक बचाने का चुनाव बन चुका है. इटावा में पहले ही सपा से मुलायम के भतीजे अंशुल यादव निर्विरोध ज़िला पंचायत अध्यक्ष बन चुके हैं, तो वहीं, इटावा के 8 ब्लॉक में से 6 पर सपा के प्रत्याशी ब्लॉक प्रमुख बनते दिख रहे हैं.

सपा का पलड़ा भारी

जिसमे सैफ़ई से मुलायम की बहू एवं मैनपुरी से पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव की मां मृदुला यादव का दूसरी बार फिर से निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनना तय है.  तो वहीं, बढ़पुरा ब्लॉक जो कि भाजपा विधायक सरिता भदौरिया का गांव भी है, यहां से भी सपा के प्रत्याशी आंनद यादव ने ब्लॉक प्रमुख बनने के लिए ज़रूरी बीडीसी मेम्बर को अपने पाले में कर लिया है. जानकारी के अनुसार, बढ़पुरा के कुछ बीडीसी मेम्बर ज़िला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के सरकारी आवास पर रुके हुए हैं. जिसके बाद कुछ दिनों पहले बढ़पुरा ब्लॉक के सपा प्रत्याशी आनंद यादव के खिलाफ एक बीडीसी के पिता के द्वारा बेटे को अगवा करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन बीडीसी के द्वारा खुद कोर्ट में हाज़िर होकर बयान दर्ज कराये गए थे कि, उसका किसी ने अपहरण नहीं किया था बल्कि वह अपनी मर्ज़ी से बाहर घूमने गया था, जिसके बाद कोर्ट ने बीडीसी को अपनी मर्ज़ी से कहीं भी जाने का आदेश दिया था.
 

बीडीसी सदस्य को लेकर जमकर हुई नोंकझोक

जबकि भाजपा विधायक सरिता भदौरिया चाहती थी कि, बीडीसी मेम्बर अपने पिता के साथ जाए, लेकिन कोर्ट से निकलने के बाद बीडीसी मेम्बर फिर से सपा ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी के साथ ज़िला पंचायत अध्यक्ष के आवास पर चला गया था, जिसको लेकर कोर्ट के बाहर सपा भाजपा कार्यकर्ताओ में जमकर मारपीट भी हुई थी, और सदर विधायक सरिता भदौरिया एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई थी. बस यही से सदर भाजपा विधायक सरिता भदौरिया एवं ज़िला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के बीच अदावत शुरू हो गई.

अंशुल यादव को दी चुनौती

सिंचाई विभाग डाक बंगले में भाजपा जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर मीटिंग की. उस मीटिंग में भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया भी मौजूद थी. मीटिंग में सरिता भदौरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव को 2022 विधानसभा चुनाव में अपने सामने चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे डाली.
 
यही नहीं, विधायक ने जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के सरकारी आवास में घुसकर बीडीसी को छीनकर लाने की बात भी कह डाली. भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि, अंशुल यादव ना हमसे उम्र में बड़े हैं और ना ही राजनीति में. भाजपा विधायक यहीं नहीं रुकी और कहा कि हम उपद्रव नहीं चाहते हम सपाइयों से ज्यादा उपद्रव करने की स्थिति में हैं और उनसे ज्यादा सक्षम हैं.
 
भाजपा वाले चाहे तो जिला पंचायत अध्यक्ष के घर में घुसकर बीडीसी को छीन लाएंगे लेकिन हम नहीं चाहते जो कानून व्यवस्था की खराब स्थिति सपा सरकार में थी, व्यवस्था योगी जी की सरकार में भी हो, हम कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहते हैं. लेकिन अब यह तय हो गया है कि इटावा में ब्लाक प्रमुख का चुनाव भाजपा विधायक सरिता भदौरिया के लिए नाक का प्रश्न बना हुआ है.

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