फर्जी टीकाकरण शिविर मामले में CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका खारिज

Fake Covid-19 Vaccine Case: कलकत्ता हाईकोर्ट ने नकली वैक्सीन रैकेट की सीबीआई जांच की मांग करने वाली सभी जनहित याचिकाओं को आज खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और अनिरुद्ध रॉय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि अदालत के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करने का समय सही नहीं है.

जब से गरिया में नकली वैक्सीन शिविर का टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती द्वारा भंडाफोड़ किया गया था और आरोपित धोखेबाज देबंजन देब के सत्तारूढ़ दल के साथ संबंध सामने आए थे, बीजेपी ने टीएमसी पर गंभीर भ्रष्टाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के गंभीर दुरुपयोग का आरोप लगाया था. इस मामले में वकील संदीपन दास ने 25 जून को एक जनहित याचिका दायर कर मामले में और पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.

याचिका पर विचार करने से इनकार

हालांकि, एचसी ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरोपी देबंजन देब द्वारा महानगर और उसके उपनगरों में कोविड-19 टीकाकरण के कथित रूप से लगाये गए फर्जी शिविरों के मामले की जांच में फिलहाल हस्तक्षेप करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया.

मामले में न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि अगर कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही जांच को लेकर असंतोष का कोई कारण है तो याचिकाकर्ता बाद में अदालत का रुख कर सकते हैं. न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ ने कहा कि वह इस स्तर पर मामले की जांच में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है.

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