क्या डायबिटीज रोगियों के लिए अमरूद और उसकी पत्तियों का इस्तेमाल फायदेमंद है? जानिए

अमरूद कई लोगों का पसंदीदा फल होता है और अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. इस सुपर फल का एक फायदा उसका डायबिटिक रोधी प्रभाव है जो डायबिटीज की रोकथाम में अच्छा है. न सिर्फ फल बल्कि उसकी पत्तियां भी हाइपोग्लाइसेमिक या ग्लूकोज कम करनेवाला प्रभाव रखती हैं और शरीर के कॉलेस्ट्रोल और ब्लड शुगर लेवल को काबू करने में कई तरीके से इस्तेमाल की जाती हैं. आप इस मीठे और स्वाद युक्त फल को अपनी डायबिटीज डाइट प्लान में शामिल करना न भूलें. 

अमरूद और डायबिटीज
कई रिसर्च से ये बात साबित हुई है कि फल के रोजाना सेवन का संबंध डायबिटीज के कम जोखिम से जुड़ा है. डायबिटीज पीड़ितों में अमरूद ब्लड शुगर कम करने के अलावा कोलेस्ट्रोल लेवल को नियंत्रित करने का प्रभाव रखता है, जो डायबिटीज से जुड़ी पेचीदगियों जैसे दिल की बीमारी का मुख्य कारण होता है. बिना छिलका वाला अमरूद ग्लूकोज लेवल की रोकथाम में मदद शायद इस वजह से करता है-

1. फाइबर की अधिक मात्रा- अमरूद के गूदा में पेक्टिन की अधिक मात्रा होती है जो आंतों के जरिए ग्लूकोज के अवशोषण में देरी करता है. 
2. फ्लेवोनायड्स में अधिक- अमरूद फ्लेवोनायड्स ग्लाइकोसाइड से भरपूर होता है, जो मजबूत एंटीऑक्सीडेंट वाले यौगिक होते हैं. 
3. मैग्नीशियम में अधिक- कच्चे अमरूद में मैग्नीशियम का लेवल पकी शक्ल के मुकाबले ज्यादा होता है. 100 ग्राम अमरूद में 22 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. मैग्नीशियम मिनरल इंसुलिन के नियंत्रिण में बड़ी भूमिका अदा करता है. कम मैग्नीशियम डायबिटीज के जोखिम या उसकी पेचीगियों से जुड़ता है. कुछ रिसर्च में बताया गया है कि बिना छिलका के फल छिलका वाले अमरूद के मुकाबले डायबिटीज को काबू करने में ज्यादा प्रभावी है. 

अमरूद की पत्तियां और डायबिटीज
अमरूद की पत्तियां दुनिया के कई उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लोक चिकित्सा के तौर पर इस्तेमाल की जाती हैं. उसकी पत्तियों का एक बुनियादी फायदा डायबिटीज की रोकथाम है. हालांकि, अमरूद की पत्तियां डायबिटीक रोधी प्रभाव रखती हैं और सुरक्षित और डायबिटीज पीड़ितों के लिए असरदार समझी जाती हैं. लेकिन, बयान को साबित करने के लिए रिसर्च जारी है.

कुछ रिसर्च से पता चलता है कि अमरूद की पत्ती से बनी चाय का 5-7 सप्ताह तक सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को सुधार सकता है और डायबिटीज की पेचीदगियों जैसे मोटापा की संभावना को कम कर सकता है. लंबे समय तक अमरूद की पत्तियों का इस्तेमाल इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ा सकता है. विशेषज्ञ अमरूद की पत्ती से बनी चाय ग्लूकोज लेवल  कम करने के लिए हर भोजन के बाद सेवन की सलाह देते हैं. अगर आप अमरूद का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो खाली पेट न खाएं क्योंकि ये स्वभाव में एसिडिक होता है और पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकता है. 

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