UP: वैक्सीनेशन में लापरवाही, कुछ मिनटों के अंतराल में महिला को लगा दिए गए 2 टीके

kushinagar Negligence in Vaccination: कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया सीएचसी पर स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां एक 60 वर्षीया महिला को कुछ ही मिनटों के अंतर पर कोरोना वैक्सीन के दो टीके लगा दिए गए. महिला ने जब इसका विरोध किया और डॉक्टर से बताया तो डॉक्टर के भी होश उड़ गए. डॉक्टर ने महिला को समझाया कि कुछ नहीं होगा, आधे घंटे आराम कर लो. लगभग एक घंटे बाद महिला अपने घर लौट आई. 

महिला ने सुनाई आपबीती 
हॉस्पिटल में बैठे रहने के दौरान किसी ने वीडियो बना लिया तो महिला ने अपनी आपबीती सुनाई. इस मामले में जैसे ही  खबर न्यूज चैनलों पर चली तो स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में सीएमओ ने सीएचसी का दौरा किया  और अपने लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों को बचाने में लग गए हैं. सीएमओ इस पूरे मामले को झूठा बताने में लगे हैं. वहीं, महिला कह रही है कि उसको दो इंजेक्शन लगाए गए थे. 

पीड़ित महिला के घर पहुंची टीम 
मीडिया में मामला आने ने बाद डॉक्टरों की एक टीम पीड़ित महिला के घर जांच करने भी पहुंच गई. मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने खुद देखा कि महिला के हाथ पर दो इंजेक्शन के निशान थे. जब उनसे सवाल हुआ तो कहने लगे कि प्रभारी जी इसके विषय में बताएंगे. मौके पर गए डॉक्टर आफताब ने बस इतना बताया कि इसके विषय मे प्रभारी साहब बताएंगे. बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी जांच कर कार्रवाई करने की जगह बिना जांच कराए ही इस पूरे मामले को अफवाह साबित करने में क्यों लग गए हैं. पीड़ित महिला को अभी बुखार आ रहा है और सिर दर्द की समस्या है. 

दो टीके लगा दिए गए
कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के रामपुर खुर्द निवासी मालती देवी कोरोना का टीका लगवाने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ केंद्र नेबुआ नौरंगिया गईं थी. मालती देवी पढ़ी-लिखी नहीं हैं. टीका लगवाने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने बड़ी लापरवाही कर दी. महज कुछ मिनटों के अंतराल पर उन्हें दो टीके लगा दिए गए. जब उन्होंने टीका लगाने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मी से पूछा तो उसने कह कि आपको दो टीके नहीं लगे हैं. इसके बाद पीड़ित मालती देवी ने इसकी शिकायत केंद्र प्रभारी से की तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं होगा आधे घंटे आराम कर लीजिए.

अधिकारी लीपापोती में लग गए
इसी दौरान मौके पर मीडिया के लोगों ने महिला का बयान ले लिया जिसमें उन्होंने आपबीती बताई. मामला मीडिया में आने के बाद महकमे के कान खड़े हो गए. आनन-फानन में मुख्य चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मामले की लीपापोती में लग गए. उन्होंने जांच कर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जगह बयान भी जारी कर दिया है कि ये महज अफवाह है और कुछ नहीं.  

इंजेक्शन के निशान भी दिखाए
केंद्र प्रभारी ने डॉक्टरों की एक टीम डॉक्टर आफताब की अगुवाई में पीड़ित महिला के घर जांच के लिए भेजी थी. डॉक्टरों से पीड़ित महिला के परिजनों ने सच्चाई बताई और हाथ पर लगे इंजेक्शन के दो निशान भी दिखाए. उसके बाद डॉक्टर ने महिला को दवा भी दे दी. मौके पर जांच करने पहुंचे डॉक्टर से जब बात करने की कोशिश की गई तो वो कहने लगे कि इसके विषय मे प्रभारी साहब ही बताएंगे. महिला को बुखार और सिर दर्द की समस्या है जिसको लेकर डॉक्टर ने दवा दे दी है. 

महिला को सता रहा है डर 
मुख्य चिकित्साधिकारी नरेंद्र गुप्ता इतने गम्भीर प्रकरण में बिना जांच कराए ही केंद्र प्रभारी से केवल बात करके मामले को झुठलाने में लग गए और इसे अफवाह बताने लगे. जबकि, हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. इधर पीड़ित महिला मालती देवी को भय सता रहा है कि कहीं इसका कोई गलत प्रभाव ना पड़े.

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