जानिए लू लगने का कारण और बचने के उपाय

अत्यधिक गर्म हवा या लू लगने के कारण लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है और कुछ मामलों में मौत भी हो जाती है. लू तब लगती है, जब किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान (104 डिग्री फारेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक होना) बहुत अधिक बढ़ जाता है. अत्यधिक तापमान और आर्द्रता के कारण शरीर पसीने और सांस के माध्यम से खुद को ठंडा नहीं कर पाता. लू लगने पर व्यक्ति के दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस तेज चलने लगती है, चक्कर आना, उबकाई और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी दिक्कतों का सामना होता. उसके अलावा, भ्रम का अनुभव होता है और अंत में रोगी पूरी तरह से होश बैठता है. 

लू से बचने के उपाय

समय पर इलाज नहीं मिलने से लू अक्सर घातक होता है. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, अमेरिका में औसतन हर साल लगभग 658 लोगों की ऊष्माघात से मौत हो जाती है. लू की चपेट में किसी भी आयुवर्ग के लोग आ सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादातर बुजुर्ग, विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग प्रभावित होते हैं, क्योंकि उम्र के साथ हमारे शरीर की स्वयं को ठंडा करने की क्षमता कम हो जाती है.

उसके अलावा, दौरे पड़ने और मनोवैज्ञानिक विकारों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली कई सामान्य दवाएं शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता घटा देती हैं. बुजुर्ग व्यक्ति को खतरनाक लू के बारे में जानकारी नहीं होने  या उसकी देखभाल नहीं होने खतरा और बढ़ जाता है. बढ़ती उम्र के अलावा लू लगने के जोखिम को बढ़ाने वाले अन्य कारक मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हैं. इस संभावित घातक स्थिति से निपटने के तीन उपाय हैं:

पानी पीते रहें- गर्म मौसम में पानी का सेवन बढ़ाएं और मीठे पेय पदार्थ एवं शराब पीने से बचें. अगर आपके डॉक्टर ने दिल संबंधी किसी समस्या या किसी अन्य रोग के कारण पानी का दैनिक सेवन सीमित कर दिया है, तो पेचीदिगयों से बचने के लिए लू चलने के दौरान उनके संपर्क में रहें. 

आराम करें- दिन में उस समय व्यायाम नहीं करें, जब गर्मी ज्यादा हो. यानी दिन के 10 बजे से शाम पांच बजे तक कसरत करने से बचें. आपके घर या कार में वातानुकूलन की सुविधा नहीं है, तो हल्के और ढीले कपड़ें पहनें. सूर्य की सीधी रोशनी के संपर्क में आने से बचें. खुद पर पानी के छींटे मारें और पंखे के सामने बैठें, ठंडे पानी से नहाएं. अपनी गर्दन, बगल या सिर पर ठंडे पानी का कपड़ा रखें और डॉक्टर के संपर्क में रहें.

लू से बचने में पंखे मददगार- पंखे मददगार जरूर हैं लेकिन उससे हवा का तापमान कम नहीं होता, बल्कि स्किन पर हवा लगने से पसीना आसानी से सूख जाता है, जिसके चलते शरीर का तापमान कम हो जाता है. पंखे उपयोगी होते हैं, लेकिन अत्यधिक नमी में एयर कंडीशनर बेहतर है, क्योंकि यह शुष्क हवा पैदा करता है, जिससे शरीर ज्यादा आसानी से ठंडा हो जाता है. खुद को ठंडा रखें, आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. 

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