अब मौसम विभाग ने दिल्ली में मानसून को लेकर नहीं दी कोई तारीख, स्थिति की हो रही मॉनिटरिंग

Delhi Weather Update: आखिर कब होगी दिल्ली एनसीआर में मानसून की झमाझम बारिश? क्या मानसून के लिए दिल्लीवालों को करना होगा अभी इंतजार? और आखिर क्या वजह है कि मानसून को लेकर बार-बार मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक नहीं बैठ रही.

सबसे पहले जान लीजिए की इस साल पिछले तकरीबन 44 सालों में मई का महीना सबसे कम गर्म रहा, इसकी वजह उन दिनों हुई बारिशें तो दो बड़े तूफानों का आना बताया गया. जिसके बाद मानसून को लेकर इस बार सबसे पहला रिएक्शन मौसम विभाग ने तकरीबन 11 जून को दिया. जब मौसम विभाग की तरफ से कहा गया कि इस बार दिल्ली में  मानसून की बारिश अपने निर्धारित समय से लगभग दो सप्ताह पहले यानी 15 जून को शुरू होगी.

11 जून से 15 जून और दिन आगे बढ़ते गए लेकिन मानसून की बारिश नहीं हुई बल्कि गर्मी उमस और हीटवेव बढ़ती ही चली गई. मौसम विभाग की भविष्यवाणी फेल हो गई. जिसके बाद 15 जून से लेकर अब तक दिल्ली का मौसम काफी गर्म बना हुआ है. साथ ही बढ़ती उमस लोगों को खूब परेशान कर रही है. मौसम विभाग ने 20 जून के बाद कई बार मानसून की दस्तक को लेकर सवाल के जवाब दिए. जिसमें मानसून के लिए दिल्लीवालों को कुछ इंतजार करने को कहा गया.

जुलाई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी

दिल्ली में अमूमन मानसून 27 जून के आसपास ही आता है. इसलिए मानसून का कुछ और इंतजार तो लाजमी था. इस बीच गर्मी बढ़ती रही, उमस ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए और तापमाम चढ़ता रहा और आखिर 27 जून आ गई लेकिन मानसून नहीं आया. बारिश का इंतजार होता रहा लेकिन ना बदल आए और न बारिश बल्कि बीते 30 जून को तापमान 44 डिग्री तक पुहंच गया और 1 जुलाई को भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा, जिसने जुलाई में गर्मी के रिकॉर्ड तोड़ दिए.

दो जुलाई और उसके बाद हुई हल्की बारिश से दिल्ली के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई. जिसके बाद 6 जुलाई को  मौसम विभाग ने फिर एक बार भविष्यवाणी की और  दिल्ली समेत बारिश के लिए तरस रहे हिस्सों में 10 जुलाई तक मानसून पहुंचने का अनुमान जताया. लेकिन भारतीय मौसम विभाग का यह अनुमान भी सटीक नहीं बैठा और दिल्ली बारिश को तरसती रह गई. इसके बाद अभी तक मानसून को लेकर स्थिति साफ नहीं है. इस पर मौसम विभाग ने इस बार दिल्ली में मानसून को लेकर कोई तारीख ही नहीं दी बल्कि ‘मानसून को मॉनिटर किया जा रहा है’ यह कहा.

मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर आरके जीनामनी का कहना है, ’15 जून को अर्ली मानसून आना था. 13 जून के बाद 5 से 7 दिन का टारगेट था लेकिन कुछ कंडीशन ऐसे बदली जिसके बाद हमने मना किया कि मानसून नहीं होगा क्योंकि वेस्टरली सिस्टम आया. जिसमें पश्चिम से हवा चली और हीटवेव भी आया. 11 जुलाई को नार्थवेस्ट इंडिया में बारिश हुई है लेकिन दिल्ली में बारिश नही हुई. वह अभी हम मॉनिटरिंग में रख रहे हैं. क्लाउड, रडार और सैटेलाइट में मॉनिटरिंग चल रही है.’

19 साल में दूसरी बार मानसून में देरी

बार-बार हो रही चूक के बाद मौसम वैज्ञानिक भी अब दिल्ली में मानसून को लेकर कुछ खुलकर नहीं कहना चाहते. आकड़ों के हिसाब से देखें तो इस बार दिल्ली में पिछले 19 साल में मानसून दूसरी बार सबसे लेट पहुंचेगा. इससे पहले 2012 में 7 जुलाई को, 2006 में 9 जुलाई को मानसून दिल्ली पहुंचा था. 2002 में दिल्ली में 19 जुलाई को पहली बार मानसून की बारिश हुई थी तो अब तक 1987 में सबसे लेट 26 जुलाई को मानसून आया था.

दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों तक मानसून नहीं पहुंचने के पीछे की वजह बताई गई कि मानसून की टर्फ नीचे आ गई है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में पूर्वी हवाएं चल रही है और नमी बढ़ गई है. हालांकि मानसून के बादल तो बन गए हैं. राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई है लेकिन दिल्ली और आसपास का इलाका अभी भी मानसून की बारिश के लिए तरस रहे हैं.

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