भारत बंद: जानें- दक्षिण भारत में किन-किन राज्यों में देखने को मिलेगा असर

नई दिल्ली: केंद्र द्वारा लाये गए कृषि कानून के खिलाफ बुलाये गए भारत बंद को दक्षिण भारत से भी समर्थन मिल गया है. तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्री ने पहले ही बंद का आह्वान कर दिया है. वहीं आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में विपक्ष पार्टियों ने इसका समर्थन किया है. उधर आंध्र प्रदेश की सरकार ने कृषि बिल का समर्थन किया है. जानते हैं दक्षिण के किस राज्य में कितना होगा बंद का असर.

तेलंगाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने किसानों के ‘भारत बंद’ को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि किसानों के 8 दिसंबर, ‘भारत बंद’ का टीआरएस समर्थन कर रही है. किसानों के प्रदर्शन में राज्य स्तर पर पार्टी के नेता शामिल होंगे. प्रदर्शन को टीआरएस सफल बनाने में सहयोग दे रही है. किसानों की समस्या के समाधान की मांग का टीआरएस समर्थन करती है. इस बांध दौरान टीआरएस नेता कविता राव और केटीआर रोड ब्लॉक कर इस बंध का समर्थन करेंगे. टीआरएस का कहना है कि  दिल्ली में बिल के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र के कानों जूं तक नहीं रेंग रही है. तेलंगाना में क्योंकि सरकार खुद इस बंद का समर्थन कर रही है ऐसे में राज्य में इस बंद का असर भी उतना ही देखने को मिलेगा. हालांकि इमरजेंसी सुविधाओं के लिए स्टोर खुले रहेंगे.

आंध्र प्रदेश

वहीं अगर आंध्र प्रदेश की बात करें तो यहां पर खुद राज्य की सरकार वाईएसआरसीपी कि जगनमोहन रेड्डी सरकार ने किसान बिल का समर्थन किया है. यहां तक कि विपक्षी पार्टी टीडीपी ने भी इस बिल का समर्थन किया है. ऐसे में राज्य में इस बंद का ज्यादा असर नहीं देखने को मिलेगा. हालांकि राज्य की लेफ्ट पार्टियां इस बिल के विरोध में विरोध प्रदर्शन जरूर करेगी.

तमिलनाडु

बीजेपी के साथ गठबंधन वाली पार्टी एआईएडीएमके की पलानी स्वामी सरकार इस बिल का समर्थन कर चुकी है. ऐसे में राज्य स्तर पर औपचारिक तौर पर बंद का आह्वान नहीं किया गया है. लेकिन विपक्षी पार्टियां डीएमके समेत कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां इस बंद का समर्थन कर रही है ऐसे में थोड़ा असर जरूर देखने को मिलेगा. जहां विपक्षी पार्टियां रेल या रोड रोककर प्रदर्शन करेगी और ट्राफिक ब्लॉक कर सकती हैं.

कर्नाटक

कर्नाटक में बीजेपी की सरकार है ऐसे में औपचारिक तौर पर राज्य में कोई बंद नहीं होने वाला. हालांकि विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बंद का आह्वान जरूर किया है. ऐसे में राज्य भर में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों द्वारा अलग-अलग जगह पर विरोध प्रदर्शन जरूर देखने को मिलेंगे. उधर जेडीएस ने भी औपचारिक तौर पर इस बिल का विरोध नहीं किया है ऐसे मैं जीडीएस का इस बंद को समर्थन करने का फैसला भी सस्पेंस बना हुआ है.

केरल

केरल की लेफ्ट सरकार ने किसान बिल का विरोध किया है और साथ ही भारत बंद का समर्थन किया है. हालांकि केरल में बंद का असर बिल्कुल भी देखने को नहीं मिलेगा. केरल इस बंद से एक्सक्लुड होगा. कल केरल में पहले फेस के लोकल बॉडी चुनाव है ऐसे में भारत बंद के समर्थन के बावजूद इसका खासा असर राज्य भर में देखने को नहीं मिलेगा. किसान संगठनों ने कोई और रास्ता अपनाने का फैसला किया है जिससे कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन दिया जा सके.

दरअसल पहले फेस के चुनाव तिरुअनंतपुरम, आलपुला, कोल्लम, पदनमठिट्टा और इनकी में होने हैं. ऐसे में बाकी 9 जिलों में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करेगी. हालांकि बंद का असर नहीं होगा. आपको बता दें कि केरल में लेफ्ट सत्ता में है और कांग्रेस की यूडीएफ विपक्ष में. ऐसे में दोनों ही पार्टियां इस बिल के खिलाफ कल प्रदर्शन करेगी.

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