राम मंदिर निर्माण: बुनियाद की मजबूती की रिसर्च रिपोर्ट 15 दिसंबर तक मिलेगी, अप्रैल तक नींव के पिलर बनाने का लक्ष्य

अयोध्या: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य इसी माह दिसंबर में पूरी तरह शुरू हो जाएगा. निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों के बीच समन्वय और अनुबंध का कार्य पूरा हो चुका है. सरयू का किनारा होने के कारण नीचे बालू की मात्रा अधिक पाई जा रही है, इसीलिए बुनियाद स्ट्रक्चर किस तरह लंबे समय तक मजबूत रहे, इस पर रिसर्च चल रहा है. यह रिसर्च रिपोर्ट 15 दिसंबर तक ट्रस्ट को मिल जाएगी. इसी के बाद राम मंदिर के निर्माण को पंख लग जाएंगे.

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा और निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों और ट्रस्ट के लोगों से बातचीत करने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र रविवार को अयोध्या पहुंचे और सोमवार को उन्होंने 3 घंटे से अधिक समय तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया. यह सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहेगा. इसके तहत एजेंडे में बुनियाद की मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा मंदिर निर्माण की क्रमबद्ध समय सीमा है.

बुनियाद के पिलर अप्रैल तक बन जाएंगे

सबसे पहले राम जन्मभूमि मंदिर की दीवार और परकोटे बनाए जाएंगे. इसी दौरान मंदिर की बुनियाद के 1200 पिलर तैयार किए जाएंगे. इसके लिए कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं. सूत्रों की माने तो पिलर निर्माण का कार्य अप्रैल तक पूरा हो जाएगा. पिलर तैयार होने के बाद बुनियाद का पूरा ढांचा पिलर को आपस में जोड़कर तैयार किया जाएगा. बुनियाद तैयार होने के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों को क्रमबद्ध तरीके से लगाया जाएगा. राम मंदिर निर्माण का प्रथम तल लगभग दो वर्षों में तैयार होने की बात कही जा रही है. एक बार प्रथम तल तैयार हो जाएगा, उसके बाद राम मंदिर के दूसरे तल का निर्माण शुरू होगा. इसी दौरान राम जन्मभूमि मंदिर के चारों तरफ निर्माण होने वाली नक्षत्र वाटिका , राम के जीवन को प्रदर्शित करने वाली मूर्तियों की श्रृंखला , संत निवास समेत अन्य निर्माण भी क्रमबद्ध तरीके से होते रहेंगे.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आनंद गिरी ने बताया कि, हम लोगों को फाउंडेशन बनाने की दृष्टि से जो कार्य करना है, उसमें बहुत तालमेल के साथ एलएनटी, सीपीआरआई और ट्रस्ट की कंस्ट्रक्शन कमेटी मिलकर के काम कर रही है. आज पूरे स्थान का अवलोकन किया और इस स्थान में जल्दी ही निर्माण का कार्य आरंभ हो जाएगा.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि लार्सन टूब्रो के एग्रीमेंट पर सिग्नेचर हो गए हैं और प्रोजेक्ट के कंसलटेंट के रूप में टाटा कंसलटेंट इंजीनियर के कंपनी के साथ अनुबंध हो गया है. शेष बुनियाद मजबूत बने इस पर आपस में आईआईटी मुंबई ,आईआईटी दिल्ली ,आईआईटी चेन्नई , सीपीआरआई रुड़की, टाटा और एलएनटी के इंजीनियर आपस में बातचीत कर रहे हैं.

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*