IAS Success Story: इंजीनियर से IAS बनने तक वैभव ने कैसे पार किया तमाम अवरोधों भरा यह सफर, पढ़ें

Success Story Of IAS Topper Vaibhava Srivastava: लखीमपुर खीरी, गोला नगर के वैभव ने साल 2017 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 98वीं रैंक के साथ टॉप किया था. इस साल की रैंक के आधार पर उन्हें अगले साल यानी साल 2018 बैच का आईएएस पद मिला. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा को पास करने के लिए यूं तो बहुत सारी छोटी-बड़ी बातों का ध्यान रखना पड़ता है पर इनमें से एक अहम मुद्दा होता है आंसर राइटिंग. कितनी भी पढ़ाई कर लें लेकिन आंसर्स का प्रेजेंटेशन अच्छा नहीं होगा तो अंक मिलने कि संभावना नहीं रहती. ठीक इसी तरह अच्छे से प्रेजेंट किए गए आंसर्स आपको अतिरिक्त अंक भी दिला सकते हैं. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में वैभव श्रीवास्तव ने आंसर राइटिंग के न केवल टिप्स शेयर किए बल्कि यह भी बताया कि कैसे डायग्राम्स और इलस्ट्रेशन बनाने चाहिए.

अपने आंसर्स को बनाएं दूसरों से अलग

आंसर राइटिंग के बारे में बात करते हुए वैभव कहते हैं कि उत्तर तो हर कैंडिडेट लिखता है पर आपके उत्तर में कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे आपका आंसर दूसरों से अलग दिखे तभी आप अतिरिक्त अंक पा सकते हैं. इसके लिए आपको प्रैक्टिस करनी होगी. जब आप समय सीमा के अंदर पहले ही बहुत बार उत्तर लिख चुके होंगे तभी मुख्य परीक्षा वाले दिन अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे. वरना अक्सर कैंडिडेट पूरा प्रश्न-पत्र ही अटेम्पट नहीं कर पाते और समय की कमी के कारण या तो काफी पेपर छूट जाता है या जैसे वह उत्तर लिखना चाहते हैं वैसे नहीं लिख पाते.

टेस्ट सीरीज करती हैं हेल्प

वैभव आगे कहते हैं कि प्रैक्टिस करने का सबसे अच्छा तरीका है खूब टेस्ट दें. इनसे एक तो आपकी स्पीड बढ़ेगी साथ ही आपको समय रहते अपनी कमियां पता चल जाएंगी कि आपको किस एरिया में सुधार की जरूरत है.  जहां कमी लगे वहां उसे दूर करें और आगे के पेपर्स में कोशिश करें की उसका दोहराव न हो. इससे आप कुछ समय में एरर लैस आंसर्स लिखना सीख जाएंगे. यूं तो आंसर पर नंबर कंटेंट की क्वालिटी के आधार पर मिलते हैं लेकिन प्रैक्टिस करने से आप इस बात के लिए श्योर हो सकते हैं कि कम से कम कोई गलती नहीं की.

बनाएं खूब डायग्राम और इलस्ट्रेशंस

अगला जरूरी बिंदु मानते हैं वैभव आंसर के प्रेजेंटेशन को. वह कहते हैं आपका आंसर जितनी अपीलिंग होगा उतने अच्छे अंक मिलेंगे. उसे आकर्षक बनाने के लिए जहां संभव हो डायग्राम्स, फ्लो चार्ट्स, इलस्ट्रेशंस वगैरह बनाएं. इनसे पता चलता है कि आपको आंसर ठीक से आता है और आपके दिमाग में उत्तर पूरी तरह क्लियर है. फिगर्स और फैक्ट्स भी जहां संभव हो डालें, इनसे आपकी बात का वजन बढ़ता है. इसके लिए भी फिर से वही जरूरत है कि अभ्यास करें. प्रैक्टिस से ही आप जल्दी-जल्दी डायग्राम्स बना पाएंगे.

देखें वैभव श्रीवास्तव द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

लेबलिंग या सुंदरता के चक्कर में न पड़ें

जब यूपीएससी सीएसई जैसी परीक्षा के प्रश्नों के लिए डायग्राम्स बनाने की बात आती है तो समय की बहुत कमी रहती है. ऐसे में डायग्राम्स या इलस्ट्रेशन आपको केवल अपने उत्तर में क्वालिटी एडिशन के लिए डालने हैं न कि उन्हें सजाना है या लेबलिंग करनी है. दरअसल ऐसा करने में बहुत समय जाया हो जाता है. आपने किसी प्रश्न के लिए कुछ ड्रॉ किया जिसने आपकी बात को सपोर्ट किया, बस इतना ही काफी है. हर चित्र को अगर सजाने-संवारने का प्रयत्न करेंगे तो समय कम पड़ेगा और पेपर छूटेगा.

अंत में बस इतना ही की पढ़ाई के साथ ही लिखने का भी अभ्यास करें ताकि जो पढ़ा है उसे अच्छे से प्रेजेंट कर पाएं. पढ़ता तो हर कोई है पर उसे कितने अच्छे ढ़ंग से लिखते हैं, सफलता इस पर निर्भर करती है.

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