दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी का आरोप- ससुराल वालों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया

मुंबई: लव जिहाद पर इन दिनों काफी बहस हो रही है. इस बीच दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी कमलरुख ने यह आरोप लगाया है कि उन्हें वाजिद के घर वाले जरबदस्ती धर्म परिवर्तन करने का दवाब बना रहे हैं. इस मामले में अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी है और पीएमओ के कुछ सवाल पूछे हैं.

कंगना ने इस मसले पर कई ट्वीट किए हैं. वह लिखती हैं, “इस देश में पारसी सही में अल्पसंख्यक हैं. वह देश पर कब्जा करने नहीं आए थे वह तो तलाश में आए थे और उन्होंने बहुत आराम से भारत माता का प्यार मांगा था. हमारे देश की सुंदरता, वृद्धि और आर्थिक मामलों में उनकी छोटी सी जनसंख्या ने बहुत बड़ा योगदान दिया है.

कंगना कमलरुख के लिए लिखती हैं – “यह मेरे दोस्त की विधवा हैं जिन्हें परिवार परेशान कर रहा है. मैं पीएमो से पूछना चाहती हूं कि अल्पसंख्यक लोग जो ड्रामा नहीं करते, किसी का सिर कलम नहीं करते, दंगे और धर्म-परिवर्तन नहीं करते, उन्हें हम कैसे सुरक्षा दे रहे हैं? पारसियों की कम होती संख्या भारत के कैरेक्टर के बारे में बड़ा खुलासा करती है.”

कंगना लिखती हैं- “मां का वो बच्चा जो सबसे ज्यादा ड्रामा करता है उसे अटेंशन और फायदे मिलते हैं और जो ये सब पाने के लायक है उसे कुछ नहीं मिलता. हमें सोचने की जरूरत है. #anticonversionbill “

क्या कहा है कमलरुख ने?

कमलरुख ने अपनी पोस्ट में लिखा है, “मेरा नाम कमलरुख है. मैं दिवंगत म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान की पत्नी हूं. मेरे पति और मैं शादी करने से पहले 10 साल तक अफेयर में थे. मैं पारसी हूं और वे मुस्लिम थे. हमें आप कॉलेज स्वीटहार्ट कह सकते हैं. हमने स्पेशल मैरिज एक्ट (एक ऐसा एक्ट जिसके तहत आप दूसरे धर्म में शादी कर सकते हैं) के तहत शादी की थी.”

कमलरुख आगे लिखती हैं, “मैं अपनी इंटर-कास्ट मैरिज अनुभव साझा करना चाहती हूं…इस दौर और उम्र में कैसे एक महिला पूर्वाग्रह का सामना कर सकती है. धर्म के नाम पर तकलीफ देना और भेदभाव करना शर्मनाक और आंखें खोलने वाला है.”

कमलरुख ने लिखा है, “मेरी साधारण पारसी परवरिश बहुत ही लोकतांत्रिक थी. शादी के बाद यही स्वतंत्रता, शिक्षा और वेल्यु सिस्टम मेरे पति के परिवार के लिए सबसे बड़ी समस्या थी. एक पढ़ी-लिखी, सोचने-समझने वाली, स्वतंत्र महिला, जो अपना एक नजरिया रखती है, मंजूर नहीं थी. और रूपांतरण के दबावों का विरोध करना उनके लिए सही नहीं था.”

कमलरुख ने आरोप लगाया है कि उनके ससुरालवाले उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं. लेकिन वे अपने अधिकारों और बच्चों की विरासत के लिए लड़ती रहेंगी. कमलरुख ने यह भी कहा है कि एंटी-कन्वर्जन लॉ इंटर-कास्ट मैरिज में धर्म के नाम पर नफरत झेल रहीं उनके जैसी महिलाओं की संख्या कम करेगा. बता दें बॉलिवुड के मशहूर संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद के वाजिद खान का 1 जून 2020 को निधन हो गया था

यूपी सरकार लाई है अध्यादेश 

बता दें उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही में ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020’ को मंज़ूरी दे दी है. इस क़ानून के अनुसार ‘जबरन धर्मांतरण’ उत्तर प्रदेश में दंडनीय होगा. इसमें एक साल से 10 साल तक जेल हो सकती है और 15 हज़ार से 50 हज़ार रुपए तक का जुर्माना. शादी के लिए धर्मांतरण को इस क़ानून में अमान्य क़रार दिया गया है. राज्यपाल की सहमति के बाद यह अध्यादेश लागू हो जाएगा.

इस अध्यादेश के अनुसार ‘अवैध धर्मांतरण’ अगर किसी नाबालिग़ या अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं के साथ होता है तो तीन से 10 साल की क़ैद और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा.

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