IAS Success Story: IIT ग्रेजुएट तेजस्वी ने दूसरी कोशिश में पास की UPSC परीक्षा, बनीं टॉपर | पढ़ें उनके टिप्स

Success Story Of IAS Tejasvi Rana: सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स का इस परीक्षा को लेकर अलग-अलग अनुभव होता है. किसी को यह पहले ही अटेम्पट में पास करनी होती है तो कोई मानकर चलता है कि दो-चार अटेम्पट तो परीक्षा पास करने में लग ही जाएंगे. ऐसी ही सोच रखती हैं तेजस्वी राणा. तेजस्वी का मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा को ठीक से समझने के लिए जरूरी है कि अटेम्पट देकर परीक्षा का प्रारूप प्रैक्टिकली देख लिया जाए. उनके अनुसार बहुत सारे अटेम्पट परीक्षा देने के लिए मिलते हैं तो अगर प्रारूप समझने में एक अटेम्पट चला भी जाता है तो कोई परेशानी की बात नहीं है. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में तेजस्वी ने इस परीक्षा की तैयारी को लेकर अपना अनुभव शेयर किया. पहले जानते हैं उनके बारे में थोड़ा और.

आईआईटी ग्रेजुएट हैं तेजस्वी

तेजस्वी बचपन से ही पढ़ने में बहुत अच्छी थी और उनके हमेशा अच्छे अंक आते थे. कुरुक्षेत्र, हरियाणा की तेजस्वी का जन्म और शुरुआती पढ़ाई-लिखाई यही हुई. दसवीं और बारहवीं दोनों ही कक्षाओं में उन्होंने बहुत अच्छे अंकों से परीक्षा पास की. उस समय इंजीनियर बनने की चाहत रखने वाली तेजस्वी ने जेईई परीक्षा दी और सेलेक्ट हो गईं. इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसी दौरान उन्हें और उनके माता-पिता को यूपीएससी का ख्याल आया और उन्होंने इस तरफ रुख कर लिया. साल 2015 में ही तेजस्वी ने पहला अटेम्प्ट दिया और प्री परीक्षा पास भी कर ली.

यहां देखें तेजस्वी राणा द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

परीक्षा देकर समझें परीक्षा प्रारूप

तेजस्वी कहती हैं कि आप कितना भी परीक्षा के बारे में जानकारी हासिल कर लें लेकिन परीक्षा के वास्तविक स्वरूप से आपका परिचय तभी हो पाता है जब आप एग्जाम देते हैं. इसी सोच के साथ साल 2015 में ग्रेजुएशन पूरा करने के तुरंत बाद ही उन्होंने यूपीएससी सीएसई परीक्षा का पहला अटेम्प्ट दिया था जिसमें वे मेन्स एग्जाम पास नहीं कर पायी थी. दूसरे अटेम्पट में हालांकि उन्होंने न केवल सफलता पायी बल्कि 12वीं रैंक के साथ टॉपर भी बनीं. इसी के साथ उन्हें मिला आईएएस पद.

सिलेबस है बहुत जरूरी –

तेजस्वी अगली जरूरी चीज मानती हैं यूपीएससी का सिलेबस. वे कहती हैं कि तैयारी ठीक प्रकार से करने के लिए जरूरी है कि सिलेबस आपके दिमाग में साफ हो. इसे ठीक से देखें और हो सके तो कहीं लिखकर टांग लें ताकि बार-बार उसे दोहराते रहें.

अगली जरूरी चीज है बेसिक बुक्स. वे कहती हैं कि तैयारी के लिए बेसिक बुक्स पढ़ना बहुत जरूरी है. इसलिए एनसीईआरटी से तैयारी आरंभ करें. क्लास 9 से 12 की एनसीईआरटी जरूर पढ़ें उसके बाद ही स्टैंडर्ड बुक्स पर आएं.

ऑप्शनल को लेकर रहें सजग

तेजस्वी आगे कहती हैं की ऑप्शनल का चुनाव किसी के भी लिए बहुत जरूरी होता है इसलिए इसे सोच-समझकर चुनें. ऐसा ही विषय सेलेक्ट करें जिसे आप सालभर तक पढ़ने की क्षमता रखते हों. क्योंकि कोई भी विषय अगर पसंद का न हो तो बहुत लंबे समय तक नहीं पढ़ा जा सकता. दूसरी जरूरी बात यह है कि ऑप्शनल चुनते समय यह भी देख लें कि उसकी किताबें उपलब्ध हैं या नहीं. इसके बाद ट्रेंड या स्कोरिंग सब्जेक्ट पर जाएं. हालांकि मोटे तौर पर वे यह मानती हैं कि ऑप्शनल का चुनाव बहुत ही सब्जेक्टिव होता है इसलिए अपने अनुसार इसका सेलेक्शन करें.

आंसर राइटिंग है बहुत जरूरी

तेजस्वी अंत में यही कहती हैं कि खाली पढ़ने से कुछ नहीं होता जब तक आप उत्तर लिखकर नहीं देखेंगे. इसलिए प्रिपरेशन एक लेवल तक पहुंच जाने के बाद उत्तर लिखकर देखें ताकि जान पाएं की कमी कहां है. इसके अलावा पिछले साल के प्रश्न-पत्र भी बहुत मदद करते हैं, इन्हें भी जरूर हल करें. खासकर ऑप्शनल विषय के लिए लास्ट ईयर्स के प्रश्न-पत्र देखें और सॉल्व करें. इसी प्रकार टेस्ट सीरीज पर भी ध्यान दें और इनकी प्रैक्टिस जरूर करें. यह याद रखें कि यह परीक्षा कठिन नहीं है पर इसे पास करने में लगने वाला समय काटना जरूर कठिन है. इस दौरान खुद को मोटिवेटेड रखें.

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