चीनी मोबाइल ऐप के बाद कई चीनी टेलीकॉम वेंडर्स को भी भारत कर सकता है ब्लैकलिस्ट

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बुधवार को मोदी सरकार ने एक बड़ा फ़ैसला लिया. टेलीकॉम सेवा देने वाली कम्पनियां अब केवल उन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल कर पाएंगी जो सरकार द्वारा सत्यापित की गई हों. राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र सुरक्षा से जुड़ी कैबिनेट कमिटी यानि सीसीएस की बैठक में लिया गया. सवाल ये है कि सरकार का ये फ़ैसला क्या चीनी दूरसंचार उपकरणों को भारतीय बाज़ार से दूर रखने के लिए किया गया है?

राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से पिछले महीनों में 100 से ज़्यादा चीनी मोबाइल ऐप्पों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला करने के बाद अब सरकार की नज़र टेलीकॉम सेवा में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर है. सरकार अब ऐसे उपकरणों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना चाहती है. बुधवार को सीसीएस की बैठक में सरकार ने National Security Directive on Telecommunication Sector को मंज़ूरी दी.

फ़ैसले का मक़सद टेलीकॉम सेवा के क्षेत्र में केवल उन्हीं उपकरणों के इस्तेमाल की इजाज़त देना है जो सरकार की ओर से सत्यापित हों. इन उपकरणों को सत्यापित करने की ज़िम्मेदारी National Cyber Security Coordinator नामक संस्था के ऊपर सौंपी जाएगी.

इन उपकरणों को सत्यापित करने से पहले उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता में बनी कमिटी की मंज़ूरी लेना ज़रूरी होगा. हालांकि सरकार फ़िलहाल इस बात का ख़ुलासा नहीं कर रही कि इस फ़ैसले के पीछे असली कारण क्या है? अगले छह महीने के भीतर नई व्यवस्था काम करना शुरू कर देगी.

Source link ABP Hindi


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