पीएम मोदी की आला अधिकारियों संग रात 8 बजे बैठक, कोरोना वायरस और वैक्सीनेशन की स्थिति की करेंगे समीक्षा

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> देश में कोविड-19 की बेकाबू होती दूसरी लहर की समीक्षा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे एक बैठक करेंगे. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">बता दें देश में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. तीसरे दिन लगातार दो लाख से ज्यादा नए कोरोना केस आए हैं. यही नहीं महामारी शुरू होने से लेकर अबतक पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा संक्रमितों की मौत हुई है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में 234,692 नए कोरोना केस आए हैं और 1341 संक्रमितों की जान चली गई है. हालांकि 1,23,354 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं. इससे पहले गुरुवार को 217,353 नए केस आए थे. वहीं 15 सितंबर को सबसे ज्यादा 1290 मौत हुई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>देश में आज कोरोना की स्थिति-</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>कुल कोरोना केस- </strong>एक करोड़ 45 लाख 26 हजार 609</li>
<li><strong>कुल डिस्चार्ज- </strong>एक करोड़ 26 लाख 71 हजार 220</li>
<li><strong>कुल एक्टिव केस- </strong>16 लाख 79 हजार 740</li>
<li><strong>कुल मौत- </strong>1 लाख 75 हजार 649</li>
<li><strong>कुल टीकाकरण- </strong>11 करोड़ 99 लाख 37 हजार 641 डोज दी गई</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>वैक्सीनेशन के बाद लोगों ने बरती लापरवाही<br /></strong>AIIMS के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि जनवरी-फरवरी में कोरोना टीकाकरण शुरू होने के बाद लोगों ने कोविड नियमों के पालन में लापरवाही बरती. जिसकी वजह से कोरोना के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई.</p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोविड मामलों में वृद्धि के कई कारण हैं लेकिन 2 मुख्य कारण हैं. जब जनवरी-फरवरी में टीकाकरण शुरू हुआ और मामलों में कमी आई तो लोगों ने कोविड नियमों का पालन करना बंद कर दिया और इस समय वायरस उत्परिवर्तित (mutated) हो गया और यह तेजी से फैल गया.</p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. गुलेरिया ने कहा कि यह एक ऐसा समय है जब हमारे देश में बहुत सारी धार्मिक गतिविधियां होती हैं और चुनाव भी चल रहे हैं. हमें समझना चाहिए कि जीवन भी महत्वपूर्ण है. हम इसे सीमित तरीके से कर सकते हैं ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों और कोविड के दिशा निर्देशों का पालन किया जा सके.</p>

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