IAS Success Story: पहले IRS और फिर IAS सेवा के लिए चयनित होने वाले बिहार के अंशुमान से जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी

Success Story Of IAS Topper Anshuman Raj: साल 2019 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 107वीं रैंक के साथ टॉप करने वाले अंशुमान का यह दूसरा प्रयास था. इसके पहले भी उन्होंने एक अटेम्पट दिया था जिसमें उनका सेलेक्शन हो गया था लेकिन रैंक कम आने के कारण उन्हें इंडियन रेवेन्यू सर्विस एलॉट हुई थी. अंशुमान ने इस सर्विस को ज्वॉइन तो कर लिया था पर वह संतुष्ट नहीं थे और उनके दिमाग में हमेशा आईएएस ही घूमता रहता था. नतीजतन उन्होंने फिर से तैयारी की और साल 2019 की परीक्षा में 107वीं रैंक के साथ सेलेक्ट हुए जिसके तहत उन्हें उनका मनमाफिक आईएएस पद प्राप्त हुआ. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में अंशुमान ने अपनी तैयारी के बारे में खुलकर बात की. जानते हैं अंशुमान का अनुभव क्या कहता है.

शुरुआती पढ़ाई बक्सर में ही हुई –

अंशुमान का जन्म और शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बक्सर में ही हुई. यहीं के जवोहर नवोदय स्कूल से उन्होंने क्लास दस तक की पढ़ाई पूरी की और बारहवीं के लिए जेएनवी रांची चले गए. एक साधारण परिवार और बैकग्राउंड से आने वाले अंशुमान के पास कभी बहुत सुविधाएं नहीं रहीं पर अपनी कड़ी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद से उन्होंने चार बार यूपीएससी परीक्षा दी जिसमें से दो बार सेलेक्ट हुए. दूसरी बार में उन्हें अंततः आईएएस पद के रूप में मंजिल मिली.

देखें  अंशुमान द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

कम किताबें, ज्यादा रिवीजन –

अंशुमान दूसरे कैंडिडेट्स को यही कहते हैं कि किसी भी विषय की बहुत किताबें इकट्ठी न करें और कुछ मुख्य किताबों से ही बार-बार रिवाइज करें. जब तैयारी पक्की हो जाए तो मॉक टेस्ट देकर खूब प्रैक्टिस करें. यही एकमात्र जरिया है जिससे आप उत्तर लिखने की सही तरीका सीख सकते हैं. एक बात और ध्यान रखें कि जब परीक्षा की तैयारी शुरू करें तो अपनी स्ट्रेटजी को जितना हो सके सिंपल रखें. हिस्ट्री के लिए छोटे-छोटे नोट्स बनाएं और करेंट अफेयर्स के लिए रोज नियम से न्यूज पेपर पढ़ें. न्यूज पेपर पर बहुत समय न खर्च करें. हर विषय के अलग-अलग एमसीक्यू सॉल्व करें, यह प्री परीक्षा में बहुत मदद करते हैं. इनसे आपकी स्पीड बढ़ती है और आप पेपर को सही ढ़ंग से अपरोच करना सीख पाते हैं. अपनी गलतियां भी इससे जान पाते हैं ताकि उन्हें समय रहते दूर किया जा सके.

अंशुमान मानते हैं पेशेंस हैं जरूरी –

अंशुमान कहते हैं कि इस परीक्षा की तैयारी के दौरान पेशेंस रखना बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार सफलता मिलने में बहुत समय लग जाता है. कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास भी बहुत जरूरी है. इसके साथ ही अपनी कमियों को स्वीकराने के लिए हमेशा खुले रहें ताकि लोग खुलकर आपको आपकी कमियां बता सकें. उनमें समय रहते सुधार करें. प्रैक्टिस इस एग्जाम के लिए बहुत जरूरी है इसलिए जमकर अभ्यास करना न भूलें. स्ट्रेटजी अपनी कमजोरी और ताकत के अनुसार बनाएं और लोगों से लगातार फीडबैक लेते रहें. मेहनत करें पर रिजल्ट को लेकर बहुत परेशान न हों. जब प्रयास सही दिशा में होते हैं तो सफलता भी जरूर मिलती है.

अंशुमान की सलाह –

इस परीक्षा में पास होने के लिए हार्डवर्क के साथ ही स्मार्ट वर्क की भी बहुत जरूरत होती है. बिना स्ट्रेटजी या प्लानिंग के पढ़ाई करेंगे तो कहीं नहीं पहुंच पाएंगे और तो और कोर्स खत्म करना ही मुश्किल हो जाएगा. पढ़ाई शुरू करने से पहले ठीक से स्ट्रटेजी बनाएं और उसका पालन करें. प्री और मेन्स का कोर्स इंटीग्रेटेड होता है इसलिए दोनों की तैयारी साथ करें और आंसर राइटिंग स्किल सुधारें. इसके अलावा अन्य जरूरी टिप्स हैं कि प्री और मेन्स दोनों के पहले खूब मॉक दें. अपनी स्ट्रेंथ पर फोकस करने के बजाय वीकनेस पर फोकस करें और उन्हें चुन-चुनकर खत्म करें. अंत में बस इतना ही की इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए नॉलेज और स्ट्रेटजी दो ही रास्ते हैं. इसके साथ ही पुराने पेपर्स खूब देखें, अगर आप परीक्षा का पैटर्न समझ गए थे समझ लीजिए आधी जंग जीत ली.

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