हर व्यक्ति को नाम बदलने का अधिकार, किसी को रोका नहीं जा सकता – इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाम बदलने को लेकर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने साफ कहा कि नाम बदलना देश के प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है. कोर्ट ने कहा कि नाम परिवर्तन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अंग है. किसी व्यक्ति को अपना नाम बदलने से रोका नहीं जा सकता. नाम रखना या बदलना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) में दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अंग है.

जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने याचिका पर फैसला सुनाने के साथ ही सीबीएसई बोर्ड को याचिकाकर्ता कबीर जायसवाल के नाम से नया प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया है. बता दें कि याचिकाकर्ता ने अपना नाम रिशू जायसवाल से परिवर्तित कर कबीर कर लिया है.

क्या है मामला?

दरअसल, याची ने सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा 2013 और हाईस्कूल की परीक्षा 2015 में पास की थी. रिशू जायसवाल पुत्र संतोष कुमार जायसवाल के नाम से उसने परीक्षा पास की थी. हालांकि बाद में रिशू ने अपना नाम कबीर जायसवाल करने के लिए गजट नोटिफिकेशन करवाया. इसके लिए उसने सीबीएसई बोर्ड को भी प्रार्थना पत्र भी दिया था. गजट नोटिफिकेशन के आधार पर पैन कार्ड और आधार कार्ड में उसका नाम बदला जा चुका है, लेकिन सीबीएससी बोर्ड ने उसके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में नाम परिवर्तित करने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने बोर्ड को कबीर जायसवाल के नाम से नया प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया.

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