प्रयागराज: UPSIDA की बड़ी पहल, 20 हजार मीट्रिक टन क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को तत्काल दी गई जमीन

लखनऊ. यूपी में कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिये उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने बहुत बड़ी पहल की है. आपदा में लोगों की मदद के लिये हाथ बढ़ाते हुए उसकी ओर से सरस्वती हाईटेक प्रयागराज में 20,000 मीट्रिक टन क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाने जा रहा है. प्लांट के तत्काल स्थापना के लिए उसने जमीन उपलब्ध करा दी है. लगभग 7400 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट पर कुल 15.76 करोड़ रुपये खर्च आएगा. अगस्त माह तक इस प्लांट को चालू कर दिया जाएगा.

सरस्वती हाइटेक सिटी में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
आत्याधुनिक तकनीक से युक्त प्लांट प्रतिदिन 1100 से 1500 सिलेंडर आपूर्ति की क्षमता रखेगा. प्लांट स्थापित होने के बाद यहां लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. ऑक्सीजन प्लांट के लिये मेसर्स प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन्स के उद्यमी उमेश जायसवाल ने प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्र सरस्वती हाइटेक सिटी में 4000 वर्गमीटर का भूखंड की मांग की थी. परियोजना की महत्ता और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर तत्काल 4000 वर्ग मीटर के औद्योगिक भूखंड आवंटित कर दी गई.

प्लांट में परियोजना के तहत यहां लिक्विड नाइट्रोजन लिक्विड ऑक्सीजन, इंडस्ट्रीयल और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके प्रतिदिन की क्षमता 1100 से 1500 सिलेंडर की होगी.

ऑक्सीजन प्लांट के लिए गुजरात की कंपनी से हुआ करार
सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मेसर्स प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन की ओर से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए गुजरात की कंपनी मेसर्स न्यू कनक सेल्स एंड कन्सलटेसी सर्विस से करार किया गया है. ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना सरस्वती हाइटेक सिटी में लगभग 7400 वर्गमीटर क्षेत्रफल में की जाएगी. परियोजना की स्थापना में कुल 15.76 करोड़ रुपये खर्च आएगा. इकाई स्थापित होने पर कई लोगों को यहां सीधे रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

यूपीसीडा के प्रयास से बनने जा रहे ऑक्सीजन प्लांट को माह अगस्त 2021 तक चालू कर दिया जाएगा. प्लांट स्थापित हो जाने के बाद लिक्विड नाइट्रोजन लिक्विड ऑक्सीजन, इंडस्ट्रियल और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को पूरा करेगा. प्लांट की ओर से तीन सरकारी अस्पतालों बेली, डफरिन और कॉल्विन प्रयागराज को गोद लिया गया है जहां पर प्लांट की आर से ऑक्सीजन बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी. 

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