ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया खतरनाक स्वरूप सामने आया, कई देशों ने लगा दिया ट्रैवल बैन

दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा सात करोड़ 66 लाख के पार पहुंच गया है. इस बीच ब्रिटेन में कोरोना वायरस के एक नए प्रकार (स्ट्रेन) से संक्रमण की दर अचानक से बढ़ गई है. जिसे देखते हुए रविवार से सख्त पाबंदियों के साथ लॉकडाउन लागू किया गया है. फिलहाल अचानक से बढ़ी कोरोना संक्रमण की दर के कारण बेल्जियम और नीदरलैंड ने रविवार को यूके से उड़ानें निलंबित कर दीं है.

दक्षिणी इंग्लैंड में कोरोना वायरस के नए स्वरूप (स्ट्रेन) के पांव पसारने के मद्देनजर कनाडा ने ब्रिटेन से यात्री उड़ानों के परिचालन पर रोक लगा दी है. घटनाक्रम से वाकिफ एक अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की. फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड और बुल्गारिया पहले ही ब्रिटेन की यात्रा पर पाबंदी की घोषणा कर चुके हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप के तेजी से फैलने के बाद क्रिसमस से पहले दक्षिणी इंग्लैंड में बाजारों को बंद करने और लोगों के जमावड़े पर रोक लगाने की घोषणा की है.

जॉनसन ने श्रेणी-4 के सख्त प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन सामने आया है, जो पूर्व के वायरस के मुकाबले 70 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलता है और लंदन एवं दक्षिण इंग्लैंड में तेजी से संक्रमण फैला सकता है. हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो साबित करे कि वायरस का नया प्रकार अधिक घातक है और इस पर वैक्सीन कम प्रभावी होगी.

नीदरलैंड और बेल्जियम ने रद्द की उड़ान

नीदरलैंड ने दक्षिण इंग्लैंड में कोरोना वायरस के एक नये प्रकार (स्ट्रेन) का पता चलने के बाद ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर कम से कम इस साल के अंत तक के लिए रोक लगा दी है, वहीं बेल्जियम ने मध्यरात्रि से ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर 24 घंटे के लिए रोक लगाई है. बेल्जियम ने ब्रिटेन को जोड़ने वाली रेल सेवा भी स्थगित कर दी है. जबकि जर्मनी उड़ानों की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है ताकि इसका प्रकोप समूचे यूरोपीय महाद्वीप में नहीं फैले.

70 प्रतिशत तेजी से फैल रहा नया स्ट्रेनः बोरिस जॉनसन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले 70 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैल रहा है. वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कोरोना संक्रमण की दर नियंत्रण से बाहर हो रही है. हालांकि अभी इस बात का पता नहीं लगाया जा सका है कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहले से ज्यादा खतरनाक है या नहीं और हाल ही में जारी हुई कोरोना वैक्सीन इस पर आसरदार होगी या नहीं. फिलहाल नीदरलैंड, डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में भी कोरोना वायरस के तेजी से फैल रहे नए स्ट्रेन का पता चला है.

क्रिसमस पर लगाया गया लॉकडाउन 

यूनाइटेड किंगडम के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए स्ट्रेन पर चर्चा करने के लिए सोमवार को अपने संयुक्त निगरानी समूह की तत्काल बैठक बुलाई है. यूके में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के कारण वहां संक्रमण दर में वृद्धि हुई है. ब्रिटिश स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन नियंत्रण से बाहर है इसलिए सरकार ने लंदन और दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में एक सख्त क्रिसमस लॉकडाउन लगाया है. इसके चलते यूरोपीय देशों ने यूनाइटेड किंगडम के यात्रियों के लिए अपनी सीमाओं को बंद करना शुरू कर दिया है.

वैक्सीन से मिल सकती है मदद

हैनकॉक ने चेतावनी दी कि कोरोना वैक्सीन के पूरी तरह से प्रभावी साबित होने तक इंग्लैंड की आबादी के लगभग एक तिहाई हिस्से को प्रभावित करने वाले सख्त नियम तब तक बने रह सकते हैं. हैनकॉक ने स्काई न्यूज को बताया “कोरोना के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद घर पर बने रहने का आदेश सही है. क्रिसमस पर परिवारिक समारोहों पर प्रतिबंध और गैर-आवश्यक दुकानों को बंद करने के लिए कहा गया है. दुर्भाग्य से नया स्ट्रेन नियंत्रण से बाहर है. हमें इसे नियंत्रण में रखना होगा.”

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