एलटीसी कैश पैकेज स्कीम के फाइनल सेटलमेंट की डेडलाइन बढ़ी, अब 31 मई तक जमा कर सकेंगे बिल

सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एलटीसी स्पेशल कैश पैकेज स्कीम का लाभ लेने की डेडलाइन बढ़ा दी है. अब कर्मचारी इसका लाभ लेने के लिए  31 मई तक बिल जमा कर सकते हैं. पहले इस स्कीम के लिए अंतिम तारीख 30 अप्रैल की थी. सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के तहत संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि, इस स्कीम के लिए खरीदारी करने की निर्धारित तारीख 31 मार्च, 2021 को नहीं बदला गया है.

खपत बढ़ाना था सरकार का मकसद 

सरकार की ओर से एलटीसी स्पेशल कैश पैकेज स्कीम का लाभ लेने की डेडलाइन बढ़ाने से उन कर्मचारियों को मदद मिलेगी, जो इस स्कीम का लाभ तो लेना चाहते थे लेकिन इसके लिए निर्धारित समय सीमा के अंदर बिल नहीं जमा कर सके थे. केंद्र सरकार ने पिछले साल अपने कर्मचारियों के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन यानी एलटीसी के बदले स्पेशल पैकेज का ऐलान किया था. इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की ओर से खपत को बढ़ावा देना था और इसका लाभ इस वर्ष 31 मार्च तक उठाया जा सकता था. एलटीसी कैश वाउचर स्कीम में एलटीसी किराये और लीव एनकैशमेंट के बदले सरकारी कर्मचारियों को एडवांस देने का प्रावधान था.

सरकार का मकसद था  कि इस स्कीम से खरीदारी के जरिये खपत बढ़ेगी और इससे इकोनॉमी में रफ्तार आएगी. इसके जरिये उसने खरीदारी को प्रोत्साहन देने की कोशिश की थी. सामान की खरीदारी सरकारी कर्मचारी के जीवनसाथी या एलटीसी किराये के लिए पात्र परिवार के किसी सदस्य के नाम पर की जा सकती थी. इसके तहत एक से अधिक बिलों को मंजूर करने का प्रावधान था. खरीदारी पिछले वर्ष स्कीम का ऑर्डर जारी होने के बाद सेस इस वर्ष 31 मार्च तक की जा सकती थी. इसमें ऐसी चीजों की खरीदारी को मंजूरी मिली थी, जिस पर 12 फीसदी या उससे अधिक का जीएसटी हो. इसके लिए पेमेंट भी ऑनलाइन माध्यम से होना चाहिए था.

इकनॉमी को पटरी पर लाने के लिए उठाए थे कदम 

पिछले साल कोरोना संक्रमण की पहली लहर के बाद इकोनॉमी को लगे झटके के  बाद सरकार ने इसे पटरी पर लाने के कई कदम उठाए थे. इनमें से एमएसएमई  को सस्ता लोन देने से लेकर कॉरपोरेट सेक्टर की टैक्स में कटौती और रियल-एस्टेट सेक्टर के लिए राहत पैकेज के ऐलान शामिल थे. सरकार का मकसद मांग और खपत में तेजी लाना था. इसलिए सरकारी कर्मचारियों को एलटीसी कैश वाउचर देने का फैसला किया गया था. 

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