बिहार: जाप समर्थकों ने की पुलिस की गाड़ियों को रोकने की कोशिश, सड़क पर लेटे, बाल-बाल बची जान

वैशाली: बिहार के मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाने में साल 1989 में दर्ज अपहरण मामले में पुलिस ने जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया. मधेपुरा जिले की पुलिस मंगलवार को चार बजे के करीब पटना पहुंची और हाई वोल्टेज ड्रामा और विरोध प्रदर्शन के बीच पप्पू यादव को मधेपुरा के लिए लेकर निकल गई. हालांकि, हाजीपुर-पटना हाईवे के पासवान चौक पर जाप समर्थकों ने पुलिस की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की. 

गाड़ी के आगे लेटे कार्यकर्ता 

मिली जानकरी अनुसार जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ी, जिसमें पप्पू यादव सवार थे, के आगे सड़क पर लेट गए. इसके बावजूद पुलिस ने गाड़ी नहीं रोकी. बाल-बाल कार्यकर्ताओं की जान बची. इधर, पुलिस समर्थकों को हटाने में हलकान दिखी. कई कार्यकर्ता पप्पू यादव को ले जाने वाली गाड़ी की बोनट पर चढ़ गए. इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही. हालांकि, पुलिस के आगे समर्थकों की नहीं चली और गाड़ी मधेपुरा की ओर निकल गई.

 

राजीव प्रताप रूडी को भ्रष्टाचार करने का दिया है लाइसेंस

इधर, जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता प्रेमचंद सिंह ने सरकार के इस रवैये को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि जिस तरह से अपने ऑपरेशन के बाद भी मुसीबत में पड़ी जनता की मदद के लिए जान जोखिम में डाल कर पप्पू यादव ने सेवा की, वह राज्य सरकार के गले उतर नहीं रही.

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने सेवा करने वाले पप्पू यादव को गिरफ्तार कर अच्छा नहीं किया. नीतीश सरकार ने जनता के पैसे से एम्बुलेंस की चोरी करने वाले राजीव प्रताप रूडी को भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस दे रखा है. पप्पू यादव पर यह कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित है. राजीव प्रताप रूडी पप्पू यादव को हत्या की भी धमकी दे चुके हैं. इसलिए अगर पप्पू यादव के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सुशील कुमार मोदी, राजीव प्रताप रूडी के साथ भाजपा के साजिशकर्ता जिम्मेदार होंगे.

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