देश में हर जगह संभव नहीं वैक्सीन का उत्पादन, केजरीवाल के ‘फॉर्मूला’ साझा करने की मांग पर स्वास्थ्य मंत्रालय का जवाब

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिठ्ठी और देश भर में वैक्सीन की कमी दूर करने पर सुझाव दिया था की वैक्सीन का फार्मूला अन्य कंपनियों से साझा किया जाए ताकि युद्ध स्तर पर वैक्सीन का उत्पादन किया जाए. इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया कि वो चाहते है और इसके लिये कोशिश भी की गई लेकिन देश में सबके पास BSL3 लैबोरेटरी नहीं है. 

 

देश में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को लेकर हाल में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी थी. चिठ्ठी में अरविंद केजरीवाल ने टीकाकरण बढ़ाने के ज्यादा वैक्सीन उत्पादन करने की बात लिखी और सुझाव दिया कि भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया वैक्सीन का फार्मूला दूसरी कंपनी के साझा करें और उसका उत्पादन बढ़ाया जा सके.

 

केजरीवाल ने की थी फॉर्मूल साझा किए जाने की मांग

अरविंद केजरीवाल ने अपनी चिट्टी में लिखा है की केवल दो कंपनी के उत्पादन से पूरे देश को वैक्सीन देना संभव नहीं. वैक्सीन का फार्मूला अन्य कंपनियों से साझा किया जाए. भारत की अन्य कई कंपनियों को वैक्सीन बनाने की इजाज़त दी जाए ताकि युद्ध स्तर पर वैक्सीन का उत्पादन किया जाए.

 

अरविंद केजरीवाल के इस सुझाव पर नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य और टीकाकरण से जुड़ी कई समिति के मेंबर डॉ. वीके पॉल ने जवाब दिया. उन्होंने साफ कहा की वो भी ऐसा चाहते है और भारत बायोटेक कंपनी को भी इसको लेकर कोई दिक्कत नहीं है. इसको लेकर कोशिश भी की गई. लेकिन वैक्सीन निर्माण और उत्पादन में एक खास तरह की BLS3 लैब की जरूरत होती है जो कि देश में ज्यादातर दवा कंपनियों के पास नहीं है. 

 

BSL3 लैब बिना संभव नहीं वैक्सीन का उत्पादन

 

दरअसल ये वैक्सीन लाइव वायरस को इनएक्टिव कर बनाया जाता है जिसके लिए BSL3 लैब जरूरी है. वहीं भारत सरकार की PSU भी शामिल की गई है वैक्सीन उत्पादन में. वहीं सरकार ने साफ किया कि अगर कोई कंपनी अभी मिलकर बनाना चाहती है तो सरकार हर संभव मदद करेगी.

 

यानी अरविंद केजरीवाल की सलाह से पहले केन्द्र सरकार उत्पादन बढ़ाने के हर कदम की तलाश कर चुकी है. इसके लिए टेक्नोलॉजी हर किसी के पास नहीं है. वहीं सरकार ने साफ किया है की अगले दो महीनों में भारत बायोटेक उत्पादन बढ़नेवाला है. जुलाई तक उम्मीद है की कंपनी हर महीने 5 करोड़ से ज्यादा डोज तैयार कर पायेगी जिसकी तैयारी चल रही है. सरकार ने भी इसमें मदद की है. 

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