ईद पर भारत-पाकिस्‍तान की सेना ने दी मुकारकबाद, LoC पर एक-दूसरे को दी मिठाई

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> कोरोना महामारी के बीच ईद का त्योहार भारत और पाकिस्तान के बीच मधुर संबंधों की सौगात लेकर आया है. ईद के मौक पर गुरुवार को भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दो नहीं बल्कि एलओसी की चार लोकेशन पर मिठाईयों और गिफ्ट का आदान-प्रदान किया. दोनों देशों के बीच हाल ही मे हुए सीजफायर समझौते के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच यह आपसी विश्वास बढ़ता दिख रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">गुरुवार को भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने पूंछ-रावलाकोट, मेंढ़र-हॉट स्प्रिंग, टिथवाल क्रॉसिंग और उरी में एक साथ मिठाई का आदान-प्रदान किया. सेना की श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के मुताबिक, ईद के त्याहौर से एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच पुरानी परंपरा शुरू हो गई है, जिसके तहत दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे के राष्ट्रीय त्यौहारों (ईद, दीवाली, गणतंत्र दिवस इत्यादि) पर एक दूसरे को मिठाई और दूसरे तोहफों का आदान-प्रदान करती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">सेना के मुताबिक, फरवरी के महीने में दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर की बातचीत और दोनों देशों की सेनाओं के बीच लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर हुए युद्धविराम समझौते के कारण ही ये गर्मजोशी मुमकिन हो पाई है. सेना के मुताबिक कोरोना महामारी के चलते पाकिस्तानी सेना के साथ जब मिठाई का आदान-प्रदान हुआ तो कोविड-प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिठाईयों का आदान-प्रदान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">श्रीनगर स्थित 15वीं (चिनार) कोर के टिथवाल क्रॉसिंग (कुपवाड़ा जिले के तंगधार में किशनगंगा नदीं पर) और उरी के कमान (अमन) सेतु पर मिठाईयों का आदान-प्रदान हुआ.&nbsp;सेना की जम्मू स्थित 16वीं कोर के मुताबिक, एलओसी पर उनके जिम्मेदारी-क्षेत्र में भी दो जगह, पूंछ-रावलाकोट और मेंढर-हॉटस्प्रिंग पर पाकिस्तानी सेना के जवानों के साथ मिठाई का आदान-प्रदान हुआ. सेना के मुताबिक, इस तरह के आयोजन दोनों देशों की सेनाओं के बीच भविष्य में आपसी विश्वास और गुडविल बढ़ाने में सहायक होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि इसी साल फरवरी के महीने में दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच हुए समझौते के बाद से एलओसी पर शांति है और युद्धविराम उल्लंघन की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है. इस दौरान गलती से दोनों देशों के नागरिक अगर एलओसी पार कर भी गए तो, दोनो देशों की सेनाओं ने उन्हे सकुशल वापस भी भेज दिया है.</p>

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