कोविशील्ड की 2 डोज के बीच अंतर बढ़ाना उचित दृष्टिकोण, भारत को ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाना चाहिए- फाउची

नई दिल्ली: भारत सरकार ने एक सरकारी पैनल की सलाह पर कोविशील्ड टीके की दो डोज लगवाने के बीच के समय को 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया है. अमेरिका के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ एंथनी फाउची ने केंद्र के इस फैसले को उचित दृष्टिकोण करार दिया है. 

डॉ एंथनी फाउची ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “जब आप बहुत मुश्किल स्थिति में होते हैं और  जिस तरह से आप भारत में होते हैं, आपको कोशिश होनी चाहिए कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्दी से जल्दी टीका लगवा सकें, उनका पता लगा सकें. इसलिए मेरा मानना है कि यह एक उचित दृष्टिकोण है.”

फाउची ने कहा, ‘तथ्य यह है कि अगर आप लंबे समय तक देरी करते हैं, यह बहुत कम संभावना है कि यह टीके की प्रभावकारिता पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा. जब आपके पास पर्याप्त टीके नहीं हैं, तो मैं इसे एक कवर के रूप में संदर्भित नहीं करूंगा.” रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन की प्रभावकारिता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने, “मैंने स्पुतनिक के बारे में सुना है. यह काफी प्रभावकारी प्रतीत होता है. लगभग 90 फीसदी या उससे भी अधिक प्रभावकारी है.”

क्यों बढ़ाया गया कोविशील्ड टीके की दो डोज के बीच का समय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह ‘विज्ञान आधारित फैसला है’ और इस विश्वास के साथ लिया गया है कि इससे कोई अतिरिक्त खतरा नहीं होगा. मंत्रालय ने कहा, लेकिन नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (एनटीएजीआई) कोवैक्सीन के दो डोज के समयांतर (पहला और दूसरा डोज लगने के बीच का समय) में बदलाव का कोई सुझाव नहीं दिया है.

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि अध्ययन के अनुसार, शुरुआत में कोविशील्ड के दो डोज के बीच समयांतर 4-6 सप्ताह का था लेकिन और आंकड़ों की उपलब्धता और अनुपूरक विश्लेषण से पता चला है कि डोज के बीच समयांतर बढ़ाकर 4-8 सप्ताह करने पर कुछ लाभ है.

ये भी पढ़ें-

आज पीएम किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त जारी करेंगे प्रधानमंत्री, बंगाल को भी मिलेगी सौगात

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*