कोरोना वैक्सीन लेने पहुंचे थे बैंककर्मी, व्यवस्था देख सरकार पर भड़के; कहा- सक्षम नहीं हैं, तो पैसे ले लें

पटना: कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी बैंककर्मी दोनों ही बार पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभाने में लगे हुए हैं. इस दौरान कई बैंककर्मी कोरोना की जद में आए, कितनों की मौत भी हुई, फिर भी वे अपना फर्ज निभा रहे हैं. ऐसे में बिहार सरकार ने बैंककर्मियों को कोरोना से बचाने के लिए उनके टीकाकरण की अलग से व्यवस्था की है. बिहार की राजधानी पटना में साप्ताहिक कैम्प लगाकर सभी बैंककर्मियों को टीका देने का काम शुरू किया गया है. 

कैंप में सुबह से लगने लगी थी भीड़

इसी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को दो दिवसीय टीकाकरण कैम्प का राजधानी पटना के चाणक्या टावर स्थित इम्पेरियल गार्डन में लगाया गया. कैंप में ग्यारह बजे से टीकाकरण करने की व्यवस्था की गई थी. चूंकि शुक्रवार को पहला दिन था और ईद के कारण सभी बैंककर्मी छुट्टी पर थे, इस वजह से कैंप में सुबह से ही भीड़ लग गई थी. 

इस दौरान बैंककर्मियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग जैसा कुछ नहीं दिखा. वहीं, कुछ बैंककर्मियों का गुस्सा इस बात को लेकर भी फूटा कि वो घंटों से लंबी कतार में खड़े हैं और यूनियन के कुछ लोग अपने पद और रसूख का प्रयोग कर बिना कतार में लगे ही टीका ले रहे हैं. इस बात से नाराज कुछ बैंककर्मियों ने कैंप पर जमकर हंगामा किया. एक महिला बैंककर्मी ने तो खुलेआम पीएमओ तक को चैलेंज कर दिया. 

महिला कर्मी ने सरकार पर साधा निशाना 

महिला बैंककर्मी का कहना था कि अगर सरकार में सामर्थ नहीं है, मुफ्त वैक्सीन देने की तो वो उनसे पैसे ले सकती है. सरकार मुफ्त वैक्सिनेशन के नाम पर बैंककर्मियों को मारने पर क्यों तुली है? इस भीड़ में अगर एक भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो क्या यहां संक्रमण नहीं फैलेगा? महिला ने कहा कि वे सक्षम हैं, बैंक उन्हें इतना मासिक वेतन देता है कि वो खुद को और अपने परिवार को खरीदकर टीका दिला सकते हैं. सरकार मुफ्त टीकाकरण के नाम पर लोगों को परेशान करना बंद करे.

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